एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रयागराज महाकुंभ के अलौकिक वातावरण में मां गंगा, यमुना और अंत: सलिला सरस्वती के पावन संगम में आज स्नान करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। श्रद्धा और विश्वास का यह विशाल समागम भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का अद्भुत और जीवंत प्रतीक है।
महाकुंभ मानवता को एकता और आध्यात्मिकता का संदेश देता है। मां गंगा से मेरी प्रार्थना है कि वे सब पर अपनी कृपा बनाये रखें और सभी के जीवन में सुख और शांति का संचार करती रहें। उक्त बातें देश की पहली नागरिक महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कही। वह सोमवार को त्रिवेणी संगम में आयोजित महाकुंभी में स्नान के बाद उक्त प्रतिक्रिया दी।