इन मुद्दों पर सरकार को घेरेगा विपक्ष
एबीएन सेंट्रल डेस्क। संसद के बजट सत्र से पहले आज यानी गुरुवार को नयी दिल्ली स्थित संसद भवन में सर्वदलीय बैठक संपन्न हुई है। मीटिंग में 36 पार्टियों के 52 नेता शामिल हुए। यह आल पार्टी मीटिंग केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई, जिसमें किरेन रिजिजू, जेपी नड्डा, अर्जुन राम मेघवाल और एल मुरुगन शामिल हुए।
बैठक में कांग्रेस की ओर से जयराम रमेश, के सुरेश और गौरव गोगोई वहीं टीएमसी सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय और डेरेक ओ ब्रायन समेत विभिन्न सियासी दलों के नेता मौजूद रहे। बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने अहम जानकारी दी। उन्होंने कहा, सर्वदलीय बैठक रचनात्मक रही, जिसमें 36 पार्टियों के 52 नेता शामिल हुए। मीटिंग के दौरान अलग-अलग दलों के नेताओं ने अपने विचार रखे।
हमने उनकी चिंताओं पर ध्यान दिया है। सार्थक संसदीय सत्र के लिए सभी दलों के सहयोग की जरूरत है। उन्होंने आगे कहा कि विपक्ष ने महाकुंभ भगदड़ हादसे पर संसद में चर्चा की मांग की है। इस पर और अन्य मुद्दों पर निर्णय बिजनेस एडवाइजरी कमेटी करेगी। 31 जनवरी से संसद का बजट सत्र शुरू हो रहा है। यह 4 अप्रैल 2025 को समाप्त होगा। बजट 1 फरवरी को पेश किया जायेगा।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 31 जनवरी को ज्वाइंट पार्लियामेंट सेंशन को संबोधित करेंगी। ऐसे में बजट सत्र में विपक्ष आर्थिक मंदी, महंगाई, किसानों की परेशानी, एमएसपी और बेरोजगारी सहित कई मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है। बीजेडी सांसद सस्मित पात्रा ने कहा कि वे बजट सत्र में ओडिशा के लिए स्पेशल कैटेगरी स्टेटस के मुद्दे को मजबूती से उठायेगी।