गया। जंक्शन के पिलग्रिम प्लेटफार्म साइडिंग में नन यूज के रूप में खड़ी आइसोलेशन कोच में सोमवार की सुबह आग लग गई। आग की लपट में आने से कोच का अंदर का हिस्सा पूरी तरह जल कर राख हो गया। कोच के बाहरी हिस्सा भी आग की चपेट में आने से प्रभावित रहा। सुबह करीब 9:15 बजे कोच से तेज धुआं उठते देख रेल महकमे चौकस हो गई। साथ ही आरपीएफ व जीआरपी के अधिकारी व जवान त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना स्थल पहुंचकर आग पर काबू पाने का भरकस प्रयास करते रहे। इसी बीच फायर बिग्रेड की टीम आयी और करीब एक घंटे के प्रयास के बाद आग पर काबू पा लिया गया। इस कोच के साथ पांच अन्य और कोच था। घटना की स्थिति को देखते हुए आरपीएफ ने जंक्शन पर रहे यात्रियों के सहयोग से शेष कोच को आग की चपेट में आए कोच से ठेल कर अलग किया। इस कारण अन्य कोच आग की चपेट में आने से बच गई। अगर मौके पर लोग क्रियाशील नहीं होते तो शेष कोच भी आग की लपट की शिकार हो जाती। इस घटना के कारण कुछ समय के लिए गया जंक्शन पर अफरा तफरी की स्थिति बनी रही। काफी पुराने यह कोच ट्रेन में चलने लायक नहीं था। आपालकाल उपयोग के लिए पिछले कुछ महीनों से इसे आइसोलेशन कोच में तब्दील कर बंद अवस्था में रखा गया था। इस घटना के अन्य रेल सम्पत्ति का नुकसान नहीं हुआ है। साथ ही किसी प्रकार की जान माल की क्षति नहीं हुई है। घटना की सूचना पाते ही तत्काल सहायक सुरक्षा आयुक्त मनोज सिंह चौहान, इंस्पेक्टर अजय प्रकाश, स्टेशन प्रबंधक उमेश कुमार, एमई अनिल कुमार, रेल थानाध्यक्ष संतोष कुमार, सब इंस्पेक्टर बिक्रमदेव सिंह, चीफ क्रू कंट्रोलर एस जेड हक सहित संबंधित विभाग के अधिकारी कर्मी व जवान घटना स्थल पर पहुंच कर राहत कार्य में जुट गए थे। गया जंक्शन क्षेत्र में कोच में आग लगने की यह तीसरी घटना है। साथ ही एक सप्ताह में आग लगने की भी तीसरी घटना है। रेल सूत्रों ने बताया कि इस घटना के एक साल पूर्व यार्ड में खड़ी एक कोच में आग लगने की घटना हुई थी जिसपर तत्काल काबू पाया गया था। करीब पांच साल पूर्व करीमगंज यार्ड में खड़ी मेमू ट्रेन के चार कोच आग से जलकर राख हो गई थी। इसी क्षेत्र में रखे स्लीपर के ढ़ेर में भी आग लगने की घटना हो चुकी है। पिछले सप्ताह गया जंक्शन के बाहरी परिसर स्थित एक भवन में आग लगने से कमरे में रखे सामान जल गया था। इसी दिन रेल थाना के पास रखे जब्त कार में भी आग लगने की घटना हुई थी।