कमल सिंह लोधा
गुना। केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा देश में लागू तीन नये कानून भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (S) एवं भारतीय साक्ष्य संहिता (BSA) आगामी दिनांक 01 जुलाई 2024 से अस्तित्व में आ जाएंगे । 01 जूलाई से देश में नये कानून के प्रभावी होते ही हत्या, दुष्कर्म, अपहरण, चोरी-लूट-डकैती, धोखाधड़ी आदि गंभीर बारदातों समेत अन्य सभी बारदातों के लिये नवीन धाराओं के तहत मुकदमा कायम किये जावेंगे ।
उदाहरण के लिये आईपीसी में हत्या के लिये अभी तक धारा 302 लगाई जाती थी अब हत्या के लिये BNS 2023 की धारा 103(1) का इस्तेमाल किया जावेगा। इसी तरह गैर इरादतन हत्या के लिये 105, 106 लगेगी, पहले इनके लिये क्रमश: 304, 304ए लगाई जाती थी । छेड़छाड़ में अब 354, 354ए, सी, डी की जगह BNS धारा 74, 75, 76, 78 लगाई जावेगी ।
इसी प्रकार बलात्कार के अलग-अलग प्रकृति के मामलों में 64, 64(2), 65(1), 65(2), 70(1), 70(2) लगेगी । अपहरण के मामलों में 363, 366 की बजाय अब धारा 137(2) व धारा 87 के तहत कार्यवाही होगी । आत्महत्या के लिये उकसाने पर 306 की जगह पर BNS 106 लगेगी । धोखाधड़ी सहित अन्य गंभीर वित्तीय धोखाधड़ी के लिये 420, 467, 468 के स्थान पर क्रमश: 318, 338, 336(3) लगेगी ।
इसी तरह सामान्य मारपीट से लेकर गंभीर मारपीट, साक्ष्य मिटाने की कोशिश, बलवा आदि समेत अन्य सभी बारदातों से जुड़ी विभिन्न धाराएं नये कानून में बदल जाएंगी, यही स्थिति सीआरपीसी की धाराओं के लिये रहेगी, इसमें भी धाराओं के नंबर बदले गये हैं । साथ ही अब धाराओं के आगे IPC/CRPC के स्थान पर BNS/BNSS लिखा जावेगा ।
जिले में नवीन आपराधिक कानून के क्रियान्वयन हेतु जिले के समस्त पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों को विगत् दो माह से प्रशिक्षण देकर प्रशिक्षित किया गया है । इसके साथ ही नवीन आपराधिक कानून का लोगों के बीच प्रचार-प्रसार हेतु जिले के सभी थानों पर नये कानून से संबंधित पोस्टर्स चस्पा किये गये हैं एवं मीडिया सोशल मीडिया, रेडियो एफएम के माध्यम से भी लोगों को नवीन कानून के संबंध में जानकारी दी जा रही है ।
इसके अलावा पुलिस द्वारा विभिन्न स्कूल, कॉलेज सहित अन्य सार्वजनिक व भीड़भाड़ वाली जगहों पर रैली, आमसभा आदि के माध्यम से लोगों से जन संवाद कर नवीन अपराधिक अधिनियम के संबंध में जागरूक किया जा रहा है।