क्या खाते हैं, कैसा है दिनभर का रूटीन
एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ इस साल के आखिर में सुप्रीम कोर्ट से रिटायर हो जायेंगे। 11 नवंबर 1959 को जन्में चंद्रचूड़ 64 साल के हो चले हैं, लेकिन उनकी फिटनेस ऐसी है कि उम्र का अंदाजा लगाना मुश्किल होता है। हमेशा हंसते-मुस्कुराते रहने वाले सीजेआई अपनी फिटनेस का राज होलिस्टिक लाइफस्टाइल को देते हैं।
सीजेआई चंद्रचूड़ के दिन की शुरुआत तड़के 3.30 बजे होती है। हाल ही में एक कार्यक्रम में उन्होंने बताया कि वह हर दिन सुबह 3:30 बजे जग जाते हैं। इसके बाद करीब 1 घंटे योगाभ्यास और तरह-तरह के व्यायाम करते हैं। इसके बाद ब्रेकफास्ट वगैरह करते हैं। सीजेआई चंद्रचूड़ पूरी तरह शाकाहारी हैं।
उन्होंने खुद बताया कि वह और उनकी पत्नी, दोनों पिछले कुछ महीनों ने वीगन डाइट फॉलो कर रहे हैं। वीगन डाइट में मांस, मछली, दूध, दही, घी, पनीर, डेयरी प्रोडक्ट्स, शहद जैसी चीजें शामिल नहीं है। सिर्फ पेड़-पौधों से मिलने वाले फल, सब्जियां, अनाज, मेवे वगैरह खाते हैं। सीजेआई कहते हैं कि मेरी लाइफस्टाइल और डेली रूटीन में पूजा-पाठ अनिवार्य तौर पर शामिल है।
एक इंटरव्यू में सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ बताते हैं कि मेरा एक निश्चित समय पूजा-पाठ के लिए निर्धारित है। बिना पूजा-अर्चना के घर से बाहर नहीं निकलता हूं। मैं अपने कुल देवता को मानता हूं। मेरे परिवार का एक पूजा रूम है, जो बिल्कुल मराठी परिवारों जैसा है। पूजा रूम में मेरी परदादी की भी एक तस्वीर लगी है, जिसके आगे मैं हर दिन सिर झुकाता हूं।
चंद्रचूड़ नियमित संगीत भी सुनते हैं। बॉब डायलन, अब्बा, डायर स्ट्रेट्स उनके फेवरेट हैं। सीजेआई कहते हैं कि मेरी बेटियां मेरे फोन में नियमित नए गाने डाउनलोड करती रहती हैं। मैं कोर्ट आते-जाते संगीत सुनता हूं। भारतीय शास्त्रीय संगीत भी पसंद है। चीफ जस्टिस चंद्रचूड़ को किताबें पढ़ना बहुत पसंद है।
वह कहते हैं कि मैं एक साथ कई किताबें पढ़ता हूं, क्योंकि सिर्फ एक किताब पढ़ते हुए बोर हो जाता हूं। मेरे बेडरूम में सिरहाने किताबों का ढेर लगा रहता है। सोने से पहले कोशिश करता हूं कि कुछ जरूर पढ़ूं। पहले हर दिन कम से कम 30 पेज पढ़ता था। अब भी कोशिश रहती है कि 10 पेज जरूर पढ़ूं।