एबीएन सेंट्रल डेस्क। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि आज की कांग्रेस की सामाजिक राजनीति सोच मुस्लिम लीग की और आर्थिक सोच माओवादी है। इसीलिए कांग्रेस के नेता आपसी मतभेदों के कारण विदेशी शक्तियों को आमंत्रित करके उसी इतिहास को दोहराने की कोशिश कर रहे हैं जिसने देश का बहुत बड़ा नुकसान किया है।
विदेश मंत्री डॉ जयशंकर ने एक टेलीविजन नेटवर्क के साथ आज एक साक्षात्कार में यह बात कही। उन्होंने कहा कि चार जून को भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को 400 से अधिक सीटें मिलेंगी। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के विदेशों में जाकर भारतीय लोकतंत्र को बचाने की गुहार लगाने पर अफसोस जताया और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी को कानून का राज बताया।
यह पूछे जाने पर कि क्या वाकई में इन चुनावों में 400 पार का आंकड़ा हासिल कर पाएंगे जबकि कम मतदान को लेकर विपक्ष हावी हो रहा है, विदेश मंत्री ने कहा, विपक्ष तो ऐसा कहेगा ही। लेकिन आपको यह पूछना होगा कि मतदान स्थल तक किसके मतदाता नहीं पहुंचे। हमें तो लगता है कि हमारे तो पहुंचे हैं। मैं तो यहीं कहूंगा कि 4 जून को आप 400 का आंकड़ा देखेंगे।
उन्होंने कहा कि ये दस साल का रिकॉर्ड है। लोगों को मोदी सरकार पर विश्वास है। लोगों की सोच में यह स्वाभिक लगता है कि अब ऐसी सरकार होनी चाहिए कि जो वे वायदा करते हैं उसे बहुत ही सोच-समझकर करते हैं और उसे पूरा भी करते हैं। इसलिए मतदान प्रतिशत थोड़ा बहुत ऊपर-नीचे जा सकता है। इसके कई कारण हो सकते हैं लेकिन हमारी पार्टी में जो बातचीत चल रही है कि अगर कहीं वोटिंग कम भी हुई है तो हम अपने वोटर पर पूरा भरोसा रखते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के मुस्लिम आरक्षण को लेकर आ रहे बयानों, कांग्रेस के घोषणा पत्र की तुलना मुस्लिम लीग से किये जाने के मुद्दे पर राय पूछे जाने पर डाॅ जयशंकर ने कहा- आरक्षण के विषय को कांग्रेस पार्टी ने लोगों के सामने रखा है और इसे वह कई वर्षों से रखती आ रही है। मनमोहन सिंह सरकार ने आंध्र प्रदेश में क्या किया था, कांग्रेस सरकार कर्नाटक में अभी क्या कर रही है। आरक्षण के मुद्दे पर हम लोग अपना रुख स्पष्ट कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने भी कहा था कि धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि रही बात कांग्रेस पार्टी के घोषणा पत्र की तो यह 50 फीसदी मुस्लिम लीग और 50 फीसदी माओवादी है। उनकी आर्थिक सोच बिल्कुल माओवादी है। उनकी सामाजिक और राजनीतिक सोच मुस्लिम लीग है। इन दोनों का आधा-आधा मिला लें तो आज की कांग्रेस पार्टी वही है।