एबीएन सोशल डेस्क (रांची)। अखिल विश्व गायत्री परिवार युगतीर्थ शांतिकुंज, हरिद्वार, उतराखंड के मार्गदर्शन व सान्निध्य में गत दिनांक 05 अप्रैल 2024 से 08 अप्रैल 2024 तक 24 कुंडीय राष्ट्र जागरण गायत्री महायज्ञ अनुष्ठान कार्यक्रम दीपयज्ञ विधान महायज्ञ आरती, मंगल कामना, प्रार्थना और जयकारों से युक्त जयघोषों के साथ हर्षोल्लास व शांतिपूर्वक सुसंपन्न हो गया। यज्ञ स्थल अशोक वाटिका, बैंक्वेट हॉल, रवि स्टील, कमड़े, रातू, रांची था।
इस दौरान गायत्री यज्ञ टीम प्रतिनिधियों ने बताया कि अखिल विश्व गायत्री परिवार के संस्थापक, संरक्षक एवं अभिभावक वेदमूर्ति तपोनिष्ठ युगऋषि पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य एवं स्नेह सलिला परम वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा के जीवन पर संक्षिप्त प्रकाश डालकर मानव में देवत्व का उदय, घर परिवार में सुखद वातावरण विस्तार एवं धरती पर स्वर्ग के अवतरण के लिये गायत्री (सद्ज्ञान) एवं यज्ञ (सत्कर्म) के तत्वदर्शन को जन मानस में अवतरित कराना आवश्यक है।
गायत्री मंत्र के अवलंबन से एक ओर मनुष्य के सद्बुद्धि क्षमता का विस्तार, पर्यावरण का परिष्कार, विस्तार होता है, वहीं पर पूर्ण श्रद्धा सम्मत भाव से किये हुए महायज्ञ से पर्यावरण का परिष्कार, संवर्धन एवं समाज में सांस्कृतिक एकता, समरसता और भाई चारे का वातावरण निर्मित होता है। इस कार्यक्रम के विषय बिन्दु थे।
सद्गुरु ज्ञान गंगा सदग्रंथ युग साहित्य की शोभायात्रा एवं मंगलजल कलश यात्रा युग संगीत एवं युग संदेश (आद्यशक्ति गायत्री-युगशक्ति गायत्री का उद्देश्य, आवश्यकता, उपयोगिगता, महत्ता, महा मंत्र जप-अनुष्ठान से शीघ्र लाभान्वित होना, गायत्री महायज्ञ का ज्ञान विज्ञान एवं देवपूजन, नारी सशक्तीकरण, नारी, सम्मान और नारी के उत्थान पर प्रकाश डाला गया और बताया गया कि जहां नारी का सम्मान है, वहीं घर में सुख शान्ति व स्वर्ग है।
इस बीच कार्यकर्ता गोष्ठी (संगठनात्मक स्वरूप), संगीत प्रवचन (नारियों जागो, स्वर्य को पहचानो) विशाल पुस्तक मेला व वृक्ष गंगा नि:शुल्क वितरण अभियान, गायत्री महायज्ञ में विभिन्न संस्कार, सामूहिक पुंसवन संस्कर, संगीत प्रवचन, सत्कार्यों का अभिनंदन,21 वी सदी का सत्संकल्प पाठ व दीप माहयज्ञ के उद्देश्य, प्रवचन, महापूणार्हूति एवं टोली विदाई आदि रहा।
महायज्ञ के आयोजक थे अखिल विश्व गायत्री परिवार, रांची। आज प्रात:काल से नौ दिवसीय नवरात्र अनुष्ठान सभी शक्तिपीठ, प्रज्ञापीठ, मंडलों, इकाइयों सहित आनलाइन जप-अनुष्ठान व स्वाध्याय पाठ-संवाद मंडलों में भक्तिभाव से साधक-शिष्य भाई-बहन शामिल हो गये हैं। उक्त जानकारी गायत्री परिवार के वरिष्ठ साधक जय नारायण प्रसाद, राजपति कुमार और नीरज कुमार ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।