एबीएन सेंट्रल डेस्क। आजाद भारत में पहली बार 25 अक्टूबर 1951 और 21 फरवरी 1952 के बीच आम चुनाव कराये गये। कांग्रेस पार्टी को विशाल बहुमत मिला और देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू पर लोगों ने भरोसा जताया और वह दूसरी बार प्रधानमंत्री की कुर्सी पर काबिज हुए थे।
देश के वोटरों ने संसद के निचले सदन यानी पहली लोकसभा के लिए 489 सदस्यों को चुना था। इस आम चुनाव के साथ ही अधिकांश विधानसभाओं के चुनाव भी हुए, जहां अलग-अलग राज्यों में सरकारें बनीं।
देश के पहले चुनाव में क्या-क्या हुआ?
- देश के पहले वोटर श्याम सरन नेगी थे, जो कि हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले के रहने वाले थे। उनका निधन साल 2022 में हुआ। उनकी उम्र 106 साल थी। उन्होंने अपना आखिरी वोट 2022 में 2 नवंबर को डाक पत्र के जरिए डाला। उन्होंने पहला वोट चिनी तहसील में डाला था।
- आजादी के बाद 1949 में चुनाव आयोग का गठन किया गया था। इसके पहले मुख्य चुनाव आयुक्त सुकुमार सेन थे, जिन्हें मार्च 1950 में नियुक्त किया गया।
- चुनाव आयुक्त को नियुक्त करने के बाद संसद ने जन प्रतिनिधित्व अधिनियम पारित किया। इस अधिनियम में बताया गया कि संसद और विधानसभा के चुनाव किस तरह से आयोजित करवाये जायेंगे।
- लोकसभा की 489 सीटों पर चुनाव करवाये गये। इन सीटों पर 1949 उम्मीदवारों ने ताल ठोकी। पोलिंग बूथ पर हर उम्मीदवार के लिए अलग-अलग रंग के बैलेट बॉक्स रखे गये। इन बॉक्स पर उम्मीदवार का नाम और चुनाव चिन्ह लिखा गया था।
- 1951 की जनगणना के अनुसार, देश की आबादी 36 करोड़ 10 लाख 88 हजार 90 थी। इसमें जम्मू और कश्मीर की आबादी को शामिल नहीं किया गया था। कुल वोटर्स की संख्या 17 करोड़ 32 लाख 12 हजार 343 थी।
- पहले चुनाव में 21 साल से अधिक आयु के भारतीय नागरिक वोट करने के लिए पात्र थे। चुनाव को 68 चरणों में कराया गया और पोलिंग बूथ 1 लाख 96 हाजर 84 मतदान बनाये गये, जिनमें से 27,527 बूथ महिलाओं के लिए आरक्षित थे।
- अधिकांश चुनाव 1952 में हुआ, लेकिन हिमाचल प्रदेश में 1951 में ही वोटिंग हो गयी थी। इसकी वजह यहां का मौसम था। हिमाचल में फरवरी और मार्च में मौसम खराब रहता था और भारी बर्फबारी होती थी।
- इस चुनाव में 53 पार्टियों ने हिस्सा लिया और 533 निर्दलीय उम्मीदवारों ने अपना भाग्य आजमाया। कुल 44.87 फीसदी वोटिंग हुई। सबसे ज्यादा 4 करोड़ 76 लाख 65 हजार 951 वोट कांग्रेस को मिले और सबसे कम 1,468 वोट हिस्टोरिकल रिसर्च पार्टी को मिले।
- पहले चुनाव में कांग्रेस ने 45 फीसदी वोट हासिल किये और 489 सीटों में से 364 सीटों पर जीत दर्ज की। दूसरे स्थान पर सोशलिस्ट पार्टी रही, जिसे करीब 11 फीसदी वोट मिले। उसके खाते में 11 सीटें गयी। वहीं, 37 उम्मीदवार निर्दलीय जीतकर संसद पहुंचे, जिन्हें करीब 16 फीसदी मिले।
- इस चुनाव में कई मंत्रियों ने अपने पदों से इस्तीफा देकर अपनी नई पार्टियों का गठन किया था। इसमें श्यामा प्रसाद मुखर्जी का नाम भी शामिल है। उन्होंने अक्टूबर 1951 में जनसंघ की स्थापना की। कानून मंत्री बीआर आंबेडकर ने शेड्यूल्ड कास्ट फेडरेशन को दोबारा खड़ा किया। इसे बाद में रिपब्लिकन पार्टी के नाम से जाना गया।