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पुस्तक मेले में रोज पहुंच रहे लाखों पुस्तक प्रेमी

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पुस्तक मेले में रोज पहुंच रहे लाखों पुस्तक प्रेमी
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वर्ल्ड बुक फेयर 2024 

  • रोजाना आ रहे लाखों पुस्तक प्रेमी, इतिहास-संस्कृति की किताबों का विशेष आकर्षण 

एबीएन सेंट्रल डेस्क। विश्व पुस्तक मेले में युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक सभी उम्र के पाठक बड़ी संख्या में आ रहे हैं। प्रगति मैदान के हॉल नं 1 से 5 तक लाखों उपयोगी किताबें उपलब्ध हैं। पुस्तक मेला 18 फरवरी तक चलेगा। 

यहां सभी भाषाओं के 1000 से अधिक प्रकाशकों की किताबें हैं। स्कूल यूनिफॉर्म में बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगों के लिए प्रवेश नि:शुल्क है। टिकट आईटीपीओ वेबसाइट और चुनिंदा मेट्रो स्टेशनों पर आनलाइन उपलब्ध हैं। 

विश्व पुस्तक मेला में पाठकों की रुचि अलग अलग विषयों पर केंद्रित रही है। इस साल यहां लोग ऐसी किताबें खोज रहे हैं जो उन्हें उनकी जड़ों और उनकी अपनी संस्कृति से जोड़ती हैं। एक मशहूर प्रकाशक का कहना है- बच्चों और युवाओं का किताबों के प्रति रुझान बढ़ा है। वे पौराणिक पुस्तकें अधिक खरीद रहे हैं। 

बच्चे रामायण और महाभारत पढ़ना चाहते हैं और युवा अपनी संस्कृति को समझने के लिए क्षेत्रीय भाषाओं में प्रकाशित पुस्तकों की मांग कर रहे हैं। युवाओं में उन विषयों के प्रति ज्यादा आकर्षण बढ़ा है, जिनसे वे आमतौर पर घिरे रहते हैं या सोशल मीडिया पर देखते हैं। 

खास बात ये कि हिंदी और अंग्रेजी के अलावा युवा अपनी-अपनी मातृभाषा मसलन गुजराती, मराठी, बांग्ला और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में भी स्थानीय संस्कृति पर गर्व करने वाली किताबों की मांग कर रहे हैं। 

इसमें प्रतियोगिता दर्पण जैसे प्रकाशन से लेकर पेंगुइन, क्रॉसवर्ड, ब्लूम्सबरी और कई अन्य प्रकाशकों के फिक्शन और नॉन-फिक्शन की किताबें शामिल हैं।

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