मुख्य चुनाव आयोग ने जारी किये आंकड़े
एबीएन सेंट्रल डेस्क। मुख्य चुनाव आयोग ने भारत के मतदाताओं का डेटा जारी किया है। इस समय देश में 96 करोड़ 88 लाख मतदाता हैं। इसका अर्थ है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में किसकी सरकार बननी है, इसका निर्णय लेने का अधिकार 96 करोड़ से अधिक लोगों के पास होने वाला है। यह एक रिकॉर्ड बताया गया है।
चुनाव आयोग के अनुसार, विश्व में सबसे अधिक मतदाता भारत में ही हैं। इस बार देश में आने वाला लोकसभा चुनाव विश्व में सबसे अधिक मतदाताओं का रिकॉर्ड बनने वाला है। निर्वाचन आयोग के अनुसार, इस लोकसभा चुनाव में मतदाता सूची को देखने के बाद पता चलता है कि छह फीसदी नये मतदाता जुड़े हैं। इनमें महिलाओं की भागीदारी सबसे अधिक है।
देश की टोटल आबादी में 66.76 फीसदी युवा हैं। आयोग के आंकड़ों की माने, 18 से 29 आयुवर्ग के दो करोड़ नये मतदाताओं ने रजिस्ट्रेशन कराया है। देश के कुल मतदाताओं का ग्राफ 96.88 करोड़ तक पहुंच चुका है। ये 2019 के आम चुनाव के बाद से छह फीसदी इजाफे की तस्दीक करता है।
- पुरुष वोटरों की भागीदारी मात्र 1.22 करोड़ है
मतदाता सूची के पुनरीक्षण 2024 के तहत पुरुषों के मुकाबले महिलाएं आगे रही हैं। SSR 2024 के अनुसार, 2.63 करोड़ नये मतदाताओं ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया है। इनमें 1.41 करोड़ महिला वोटर हैं। वहीं इनमें पुरुष वोटरों की भागीदारी मात्र 1.22 करोड़ है। मतदाताओं का लैंगिक अनुपात भी 2023 में 940 था। इस साल 2024 में 948 हो चुका है। इस अर्थ है कि हजार पुरुषों के मुकाबले 948 महिला मतदाता हैं।
- महिलाओं की संख्या 47 करोड़ 15 लाख 41 हजार 888 तक
बताया जा रहा है कि दिव्यांगों की भागीदारी 88.35 लाख है। आयोग ने घर-घर जाकर आंकड़े को जुटाने का काम किया है। करीब एक करोड़ 65 लाख 76 हजार 654 वोटरों के नाम या तो लिस्ट से हटाये गये या इन्हें शिफ्ट कर दिये गये हैं। 8 फरवरी 2024 तक का आंकड़ा देखा जाये तो देश के कुल 96.88 लाख 21 हजार 926 मतदाता हैं। इनमें से 49 करोड़ 72 लाख 31 हजार 994 पुरुष हैं।
महिलाओं की संख्या 47 करोड़ 15 लाख 41 हजार 888 तक है। वहीं 48,044 तीसरे लिंग वर्ग के वोटर हैं। वहीं 88 लाख 35 हजार 449 दिव्यांग मतदाता हैं। आयोग की ओर से आये आंकड़ों के अनुसार, 80 साल से ऊपर उम्र के 1 करोड़ 85 लाख 92 हजार 918 वोटर हैं। वहीं 100 वर्ष से ऊपर की उम्र वालों में दो लाख 38 हजार 791 लोग हैं।