- रतन टाटा का ड्रीम प्रोजेक्ट हुआ तैयार, काफी अरसे से था जो लटका
एबीएन सेंट्रल डेस्क। देश के सबसे पुराने कारोबारी घरानों में से एक टाटा ग्रुप के पूर्व चेयरमैन रतन टाटा का ड्रीम प्रोजेक्ट अब पूरा होने की कगार पर पहुंच चुका है। 86 साल के रतन टाटा को जानवरों, विशेषकर कुत्तों के प्रति अटूट प्रेम के लिए भी जाना जाता है।
व्यवसायी अक्सर कुत्तों की तस्वीरें पोस्ट करते हैं और प्यारे, चार पैर वाले दोस्तों के अधिकारों की वकालत भी करते हैं। टाटा के Pet Project की तहत मुंबई में पशुओं के लिए अस्पताल बनकर तैयार हो चुका है और जल्द ही उसे शुरू किया जायेगा।
अरबपति हैं पशु प्रेमी
आज ऐसा कोई नहीं है जो रतन टाटा को नहीं जानता होगा। जो लोग उन्हें जानते हैं, तो वे इस बात से भली भांति परिचित होंगे कि रतन टाटा एक बड़े पशु प्रेमी हैं। खासकर स्ट्रीट डॉग्स के साथ उनका लगाव किसी से छिपा नहीं है।
सोशल मीडिया पर भी अरबपति उद्योगपति अकसर कुत्तों के साथ अपनी तस्वीरें को साझा करते रहते है और साथ ही उनकी सुरक्षा के लिए अपील करते हुए भी नजर आते हैं। रतन टाटा के ड्रीम प्रोजेक्ट पशु अस्पताल दक्षिण मुंबई के महालक्ष्मी क्षेत्र में बन कर तैयार हो चुका है।
टाटा ग्रुप के इस अस्पताल में तमाम सुविधाएं उपलब्ध करवायी जायेंगी और साथ ही पशुओं की गुणवत्ता पूर्ण स्वास्थ्य देखभाल भी की जायेगी। इस अस्पताल में दैश के फेमस पशु चिकित्सक होंगे साथ ही प्रशिक्षित नर्सों और तकनीशियनों द्वारा स्पेशल ट्रीटमेंट पर फोकस किया जायेगा।
ग्रेटर मुंबई नगर निगम (MCGM) द्वारा आवंटित भूमि पर बनकर तैयार हुआ यह अपनी तरह का पहला अस्पताल है, जो 98,000 वर्ग फीट में फैला हुआ है। 5 मंजिला इस अस्पताल में 200 से अधिक बिस्तरों की क्षमता है।
रतन टाटा बोले- हर पालतू जानवर हमारा परिवार
अपने इस ड्रीम प्रोजेक्ट के लॉन्च को लेकर टाटा ने कहा कि पालतू जानवर हमारा परिवार हैं और उनका जीवन हर पालतू जानवर के माता-पिता के लिए मायने रखता है।
जब मैंने चारों ओर देखा और भारत में पालतू जानवरों के लिए बुनियादी सुविधाओं की कमी को पाया, तो मुझे आश्चर्य हुआ कि इतने बड़े देश में पालतू जानवरों की एक बड़ी आबादी के साथ हमारे पास ऐसी सुविधा क्यों नहीं है, जो उनका जीवन बचा सकें और पालतू जानवरों के जीवन को बेहतर बना सकें।
उन्होंने आगे कहा, इस एनिमल हॉस्पिटल का लक्ष्य हर पालतू जानवर की देखभाल, प्यार और मानवीय दृष्टिकोण से इलाज करने के लिए विशेष सुविधाओं वाली एक ऐसी सुविधा बनना है।
बता दें कि इससे पहले भी टाटा ट्रस्ट की ओर से भारत का पहला कैंसर देखभाल अस्पताल टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल, एनसीपीए, टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस-बेंगलुरु का निर्माण कर चुके हैं।