एबीएन सेंट्रल डेस्क। तमिलनाडु में कुन्नूर के पास हेलीकॉप्टर हादसे में जान गंवाने वाले देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत का पार्थिव शरीर आज दिल्ली लाया गया। बिपिन रावत के साथ-साथ इस हादसे में जान गंवाने वालीं उनकी पत्नी मधुलिका और 11 अन्य लोगों का पार्थिव शरीर भी दिल्ली पहुंच चुका है। पीएम मोदी पालम एयरबेस पहुंच चुके हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह दिल्ली के पालम एयरबेस पहुंच कर सैनिकों के परिजनों से मुलाकात की। जानकारी के मुताबिक एनएसए अजित डोभाल ने भी सैनिकों के परिजनों से मुलाकात की।
जानकारी के मुताबिक चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत, ब्रिगेडियर एलएस लिड्डर समेत चार शवों की पहचान कर ली गई है। भारतीय वायु सेना के C-130J सुपर हरक्यूलिस परिवहन विमान में 13 शवों को सुलूर से दिल्ली लाया गया है। जनरल रावत का पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा और अन्य दिवंगत सैन्य कर्मियों का भी उचित सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।
बता दें कि बुधवार को बिपिन रावत, उनकी पत्नी मधुलिका और 11 अन्य लोगों का निधन तमिलनाडु में हेलिकॉप्टर दुर्घटना में हुआ था। भारतीय वायुसेना ने बताया कि तमिलनाडु में कुन्नूर के पास जनरल रावत, उनकी पत्नी और 11 अन्य की हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मृत्यु हो गई। वायुसेना और अन्य अधिकारियों ने बताया था कि संभवत: आसमान में कोहरा छाये होने के चलते हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हुआ, जिसमें उस पर सवार 13 लोगों की मृत्यु हो गई, जबकि जीवित बचे एक व्यक्ति का अस्पताल में इलाज चल रहा है। वहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने देश के पहले प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत की हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मृत्यु के संबंध में बृहस्पतिवार को लोकसभा को बताया कि एयर मार्शल मानवेंद्र सिंह के नेतृत्व में तीनों सेनाओं के एक दल ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है।
जनरल रावत ने अपनी पत्नी और 12 अन्य लोगों के साथ सुलुर से एमआई-17वी5 हेलीकॉप्टर से पूर्वाह्न 11 बजकर 48 मिनट पर वेलिंगटन के लिए उड़ान भरी थी, जिसे दोपहर 12 बजकर 15 मिनट पर वेलिंगटन में उतरना था। सुलूर वायु यातायात नियंत्रक का 12 बजकर 8 मिनट पर हेलीकॉप्टर से संपर्क खो गया। बाद में कुन्नूर के पास जंगल में स्थानीय लोगों ने आग लगी देखी। मौके पर जाकर उन्होंने हेलीकॉप्टर को आग की लपटों से घिरा देखा जिसके बाद स्थानीय प्रशासन का एक बचाव दल वहां पहुंचा। हेलीकॉप्टर में से लोगों को निकालकर यथाशीघ्र वेलिंगटन के सैन्य अस्पताल पहुंचाया गया था। इस दुर्घटना में हेलीकॉप्टर में सवार कुल 14 लोगों में से 13 की मृत्यु हो गयी, जिनमें सीडीएस जनरल रावत और उनकी पत्नी मधुलिका रावत भी शामिल हैं।
अन्य मृतकों में सीडीएस के रक्षा सलाहकार ब्रिगेडियर लखविंदर सिंह लिड्डर, सीडीएस के सैन्य सलाहकार एवं स्टाफ अफसर लेफ्टिनेंट कर्नल हरजिंदर सिंह, विंग कमांडर प्रतीक सिंह चौहान, स्क्वाड्रन लीडर कुलदीप सिंह, जूनियर वारंट अधिकारी राणा प्रताप दास, जूनियर अधिकारी अरक्कल प्रदीप, हवलदार सतपाल, नायक गुरसेवक सिंह, नायक जितेन्द्र कुमार, लांस नायक विवेक कुमार और लांस नायक वीर साई तेजा शामिल थे।हेलीकॉप्टर हादसे में अकेले जीवित बचे भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह के पिता कर्नल (सेवानिवृत्त) केपी सिंह ने बृहस्पतिवार को बताया कि उनके बेटे वरूण को तमिलनाडु के वेलिंगटन स्थित सैन्य अस्पताल से बेंगलुरु के एक अस्पताल में स्थानांतरित किया जा रहा है।