हैंग मोड में थी यूपीए सरकार, देश ने बदल दिया, पहले आयात करते थे अब निर्यात
इंडिया मोबाइल कांग्रेस में बोले मोदी ने साइबर सुरक्षा पर दिया जोर
एबीएन सेंट्रल डेस्क। पीएम मोदी ने साइबर सुरक्षा के लिए उपकरणों के विनिर्माण में आत्मनिर्भरता के महत्व को रेखांकित करते हुए शुक्रवार को कहा कि भारत की युवा पीढ़ी प्रौद्योगिक क्रांति का नेतृत्व कर रही है और देश 6जी दूरसंचार प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अग्रणी बनने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यूपीए और एनडीए के शासन की तुलना की और कहा, तब हम मोबाइल फोन के इंपोर्टेर होते थे आज हम मोबाइल फोन एक्सपोर्ट करते हैं।
भविष्य अभी यही है और भारत 6जी में अग्रणी भूमिका निभायेगा। आनेवाला समय भारत का ही है। उन्होंने यूपीए कार्यकाल पर वार करते हुए कहा, उस समय की सरकार हैंग वाले मोड में थी। वह शुक्रवार को यहां भारत मंडपम में भारत मोबाइल कांग्रेस (आइएमसी2023) का उदघाटन समारोह में बोल रहे थे।
उन्होंने देश के 100 विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षा संस्थानों में 5जी ऐप विकास प्रयोगशालाओं का भी उदघाटन किये जाने की घोषणा की। तीन दिन के इस सम्मेलन में दूरसंचार , डिजिटल प्रौद्योगिकी एवं सॉफ्टवेयर उद्योग की कंपनियां शामिल हो रही हैं। दूरसंचार क्षेत्र के शीर्ष उद्यमियों ने डिजिटल प्रौद्योगिकी और मेक इन इंडिया के श्री मोदी की सोच की भूरि-भूरि सराहना की।
देश ने आउटडेटेड सरकार को छोड़ दिया
पीएम मोदी ने यूपीए कार्यकाल पर वार करते हुए कहा, उस समय की सरकार हैंग वाले मोड में थी। हालत यह थी कि रीस्टार्ट करने का भी कोई फायदा नहीं होता था। बैटरी चार्ज करने और बैटरी बदलने से कोई फायदा हुआ। ऐसे में जनता ने ही ऐसी आउटडेटेड सरकार को ही बदल दिया।
पीएम ने कहा कि 2जी के दौरान क्या हुआ था, मैं उस बात का जिक्र नहीं करूंगा वरना वहीं खबर बन जायेगी। पीएम ने कहा, भारत में पिछले 1 साल में मोबाइल ब्रॉडबैंड की स्पीड तीन गुना बढ़ गयी है। हमारे कालखंड में 4जी का विस्तार हुआ और एक भी दाग नहीं लगा। एनडीए सरकार के कार्यकाल की तारीफ करते हुए बताया कि 2014 कोई तारीख नहीं, यह बदलाव है।
भारत में सबसे तेजी से 5जी मोबाइल सेवाएं शुरू की गयीं एक साल के भीतर चार लाख 5जी बेस स्टेशन स्थापित किये गये। भारत मोबाइल ब्रॉडबैंड स्पीड में 118वें स्थान से अब 43वें स्थान पर पहुंच गया है।
6 जी में अग्रणी भूमिका निभायेगा भारत
पीएम मोदी ने कहा, भारत 6जी में अग्रणी भूमिका निभायेगा। पूंजी, संसाधनों और प्रौद्योगिकी तक पहुंच सरकार की प्राथमिकता है। दुनिया मेड इन इंडिया फोन का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने पिछले नौ वर्षों में आये उन बदलावों पर यह बात कही, जिन्होंने देश को आयातक से निर्यातक बना दिया है।
श्री मोदी ने कहा कि उनकी सरकार चाहती है कि भारत में विकास और संसाधनों का लाभ सभी लोगों और सभी क्षेत्रों को मिले तथा सबको सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिले । उन्होंने कहा कि उनकी नजर में यही सबसे बड़ा सामाजिक न्याय है।
साइबर सुरक्षा में आत्मनिर्भरता जरूरी
पीएम मोदी ने इंटरनेट प्रौद्योगिकी पर बढ़ती निर्भरता के वर्तमान दौर में साइबर सिक्योरिटी और इंफ्रास्ट्रक्चर सिक्योरिटी के महत्व पर जोर दिया और कहा कि साइबर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नेटवर्क उपकरणों के मामले में आत्मनिर्भरता बहुत जरूरी है। उन्होंने इस सम्मेलन में प्रदर्शित उभरती तकनीक की झांकियां भी देखीं।
उन्होंने युवकों को प्रदर्शनी में आने और भविष्य की प्रौद्योगिकी की दिशा देखने और उससे प्रेरणा लेने का आह्वान किया। पीएम ने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर की साइबर सिक्योरिटी कितनी महत्वपूर्ण है ,यह आप सभी जानते हैं। हाल में हुए जी-20 शिखर सम्मेलन में इस विषय पर विशेष रूप से चर्चा हुई और कहा गया कि लोकतांत्रिक समाज को गड़बड़ी पैदा करने वालों से सुरक्षित रखने के लिए साइबर सिक्योरिटी क्षेत्र में सहयोग जरूरी है।
सीमाओं पर खतरा कम होगा
पीएम मोदी ने कहा कि निर्माण श्रृंखला में आत्मनिर्भरता का विशेष महत्व है, जब उपकरण राष्ट्र की सीमाओं में बने होंगे तो खतरा काम होगा। उन्होंने कहा कि भारत 2014 के बाद प्रौद्योगिकी और विनिर्माण क्षेत्र में नये आयाम तय कर रहा है उन्होंने कहा कि हम न सिर्फ भारत में तेजी से 5जी का विस्तार कर रहे हैं बल्कि 6जी के क्षेत्र में भी लीडर बनने की दिशा में बढ़ रहे हैं।
21वीं शताब्दी का यह कालखंड भारत की थॉट लीडरशिप (नयी-नयी सोच रखने वाले लोगों) का समय है। हम कुछ क्षेत्रों में थॉट लीडर बने हैं, जैसे यूपीआइ हमारी थॉट लीडरशिप नयी सोच का परिणाम है, देश आज डिजिटल भुगतान प्रणाली में पूरी दुनिया का नेतृत्व कर रहा है, इसी तरह कोविड महामारी के समय में टीकाकरण के लिए कोविन हमारी नेतृत्वकारी सोच का नतीजा था।