एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत सरकार के महिला एवं बाल कल्याण मंत्रालय ने बाल अधिकारों के संरक्षण और बाल कल्याण सुनिश्चित करने की दिशा में किए गए प्रयासों के लिए गैर सरकारी संगठन बचपन बचाओ आंदोलन (बीबीए) को वत्सल भारत पुरस्कार से सम्मानित किया।
इस संगठन की स्थापना नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित बाल अधिकार कार्यकर्ता कैलाश सत्यार्थी ने की है। मंत्रालयय ने अपने प्रशस्ति पत्र में कहा कि भारत सरकार देश में बाल अधिकारों के संरक्षण और बाल कल्याण सुनिश्चित करने की दिशा में बचपन बचाओ आंदोलन के योगदान की सराहना करती है।
देश में बाल अधिकार संरक्षण अभियानों के अग्रदूत बीबीए ने पिछले चार दशकों में सीधी छापामार कार्रवाइयों के जरिए सवा लाख से भी ज्यादा बच्चों को बाल मजदूरी के चंगुल से मुक्त कराया है। बीबीए के कार्यकारी निदेशक धनंजय टिंगल ने इस पुरस्कार पर प्रसन्नता जताते हुए कहा- यह देश में बच्चों के अधिकारों के संरक्षण और उनके कल्याण के लिए दशकों से किये जा रहे प्रयासों का सम्मान है।
बीबीए के संघर्षों के नतीजे में ही बाल अधिकार और बाल कल्याण का मुद्दा आज मुख्य धारा के विमर्श में शामिल हो पाया है तथा बाल मजदूरी, बाल विवाह और बच्चों की ट्रैफिकिंग के खिलाफ कई कानून अस्तित्व में आए हैं।
उन्होंने इस पुरस्कार पर खुशी जताते हुए कहा- बीबीए कैलाश सत्यार्थी द्वारा शुरू किये गये इन प्रयासों को दोगुनी प्रतिबद्धता से आगे बढ़ायेगा और आजादी के अमृतकाल में हम एक ऐसे भारत के निर्माण के लिए संकल्पित हैं जो बच्चों के लिए सुरक्षित हो और बाल मजदूरी एवं बाल विवाह जैसी बुराइयों से मुक्त हो।