- फ्रांस, दुबई, सिंगापुर समेत 17 देशों में भारत के यूपीआई का जलवा
- इंडियन इकोनॉमी को ऐसे होगा फायदा
एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारतीय यूपीआई का डंका पूरी दुनिया में बज रहा है। यूबीआई से लेन-देन न सिर्फ भारत में बढ़ रहा है बल्कि विदेश में भी भारतीय यूपीआई का जलवा बरकरार है। हाल ही में आरबीआई ने यूपीआई से पेमेंट के आंकड़े जारी किये हैं।
डाटा के मुतबिक, यूपीआई इस्तेमाल करने वाले लोगों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई है। आरबीआई के इंडेक्स के मुताबिक डिजिटल पेमेंट में मार्च में 13.24 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। फ्रांस, दुबई सिंगापुर समेत 17 देशों में भी अब भारतीय यूपीआई के इस्तेमाल को मंजूरी मिल गयी है।
रिपोर्ट के मुताबिक, आने वाले 5 साल में अकेले भारत में यूपीआई से होने वाली पेमेंट 90 फीसदी का आंकड़ा भी क्रॉस कर जायेंगी। इससे न सिर्फ डिजिटल पेमेंट का ट्रेंड बढ़ेगा, बल्कि इंडियन इकोनॉमी को भी काफी फायदा होगा। आईये जानते हैं कैसे…
विदेशों में यूपीआई शुरू होने से उन लोगों को फायदा होगा जो भारत से बाहर घूमने जायेंगे। वो वहां पर बिना किसी झंझट के और बिना कोई करेंसी एक्सचेंज के आसानी से यूपीआई के जरिये भारतीय रुपये में पेमेंट कर सकेंगे।
इससे देश में डिजिटल ट्रांजक्शन का क्रेज और बढ़ेगा साथ ही देश की इकोनॉमी को भी फायदा होगा। यूपीआई के जरिये भारतीय रुपये से विदेश में पेमेंट करने से भारतीय रूपया और मजबूत होगा।
बता दें, देश में लोग कैश का इस्तेमाल कम से कम कर रहे हैं। ऐसे में यूपीआई के देश विदेश में शुरू होने से यूपीआई ट्रांजेक्शन बढ़ेगा। विदेश में यूपीआई शुरू होने से इंडियन करंसी और यूपीआई और मजबूत होगी। साथ भारत का और इसके यूपीआई पेमेंट मेथड का डंका भी विदेश में बजेगा।
इन देशों में शुरू हुआ यूपीआई
- फ्रांस
- भूटान
- नेपाल
- ओमान
- संयुक्त अरब अमीरात
- मलेशिया
- थाईलैंड
- फिलिपींस
- वियतनाम
- सिंगापुर
- कंबोडिया
- हांगकांग
- ताइवान
- दक्षिण कोरिया
- जापान
- यूनाइटेड किंगडम
- यूरोप
विदेश में ऐसे इस्तेमाल करें यूपीआई
विदेश में यूपीआई के जरिये पेमेंट करना एकदम आसान है। सबसे पहले जो भी प्लेटफार्म आप यूपीआई के लिए इस्तेमाल करते हैं डाउनलोड कर लें। इसके बाद अपने बैंक अकाउंट को इससे लिंक करें।
बैंक अकाउंट लिंक करने के बाद आपको रिसीवर की डिटेल्स ऐप में डालनी होगी जैसे बैंक अकाउंट नंबर, आईबीएन और आईबीसी अब सारी फॉर्मेलिटी करने के बाद आप पेमेंट कर सकेंगे। बता दें, ऊपर दिये देशों में से कुछ देशों में फिलहाल यूपीआई शुरू नहीं हुआ है। अभी ये शुरुआती स्टेज में है इसलिए, इसे धीरे-धीरे बढ़ाया जा रहा है।