एबीएन डेस्क। दुनियाभर के लिए चिंता का कारण बन गए कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन को लेकर गृह सचिव की अध्यक्षता में रविवार को एक आपातकालीन बैठक का आयोजन किया गया। इस दौरान ओमिक्रॉन वैरिएंट से बचने के लिए सुरक्षा मानकों को बढ़ाने पर चर्चा की गई। बैठक के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय व्यावसायिक उड़ानों को फिर से शुरू करने की तारीख की समीक्षा की जाएगी। मंत्रालय ने बताया कि सरकार विदेशी से आने वाले यात्रियों की जांच और निगरानी की मानक संचालन प्रक्रिया की समीक्षा भी करेगी। इसके साथ ही उन विदेशी यात्रियों पर खास तौर पर नजर रखी जाएगी जो खतरे की श्रेणी वाले देशों से आ रहे हैं। गृह मंत्रालय ने आगे कहा कि कोरोना वायरस के वैरिएंट के लिए जीनोमिक सर्विलांस को और मजबूत करने व बड़े स्तर पर आयोजित करने की जरूरत है।
केंद्र ने राज्यों के लिए जारी किए दिशानिर्देश : वहीं, ओमिक्रॉन वैरिएंट के संभावित खतरे को देखते हुए केंद्र सरकार ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के लिए कुछ मानक सूचीबद्ध किए हैं और इनका सख्ती से पालन करने को कहा है। केंद्र ने कहा कि कंटेनमेंट व सक्रिय निगरानी पर ध्यान दें। जांच की गति बढ़ाई जाए और हॉटस्पॉट्स पर लगातार नजर रखी जाए। टीकाकरण तेज करने और स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए भी कहा गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने ये मानक जारी करते हुए अंतरराष्ट्रीय यात्रियों पर सक्रिय निगरानी, जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए नमूनों को सही तरीके और समय से भेजने के साथ कोरोना अनुरूप व्यवहार का प्रभावी रूप से पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया। भूषण ने कहा कि खतरे वाले और अन्य सभी देशों से आने वाले यात्रियों की निगरानी के लिए डिसीज सर्विलांस नेटवर्क को तैयार करने की जरूरत है।