एबीएन सेंट्रल डेस्क। मणिपुर की राजधानी इंफाल में एक बार हिंसा और आगजनी की खबरें सामने आ रही हैं। हिंसा भड़कने और आगजनी की खबरों के बाद वहां की स्थिति तनावपूर्ण हो गयी है। खबरों के मुताबिक, इंफान के न्यू चेकॉन इलाके में मेइती और कुकी समुदायों के आमने-सामने भिड़ने के बाद क्षेत्र में फिर से कर्फ्यू लगा दिया गया है।
स्थिति को नियंत्रण करने के लिए सेना और पेरामिलिट्री फोर्स को बुलाया गया है। जानकारी के मुताबिक, पहले की हिंसा के बाद लोगों ने खाली किये गये घरों में तोड़-फोड़ की थी। कुछ घरों में आग भी लगायी गयी है। बता दें कि मणिपुर में हिंसा में अबतक 70 लोगों की मौत हो चुकी है। अभी भी हिंसा प्रभावित इलाकों में स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है। हिंसा में 1,700 से अधिक घर जलकर खाक हो गये हैं।
दूसरी ओर, भारतीय सेना और असम राइफल्स आवश्यक आपूर्ति की कमी का सामना कर रहे शहर के बीच इंफाल से आवश्यक सामान ले जाने वाले वाहनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत तालमेल के साथ काम कर रहे हैं।
भारतीय सेना और असम राइफल्स के जवान एनएच 37 का उपयोग करने वाले वाहनों की सुरक्षा के लिए पूरी मुस्तैदी से काम कर रहे हैं, जिसे मणिपुर की जीवन रेखा भी कहा जाता है। मानव रहित हवाई वाहनों और चीता हेलीकाप्टरों द्वारा हवाई निगरानी, कंपनियों की भारतीय रिजर्व बटालियन के कर्मियों के साथ पांच पुलिस थानों के सीआरपीएफ, मणिपुर पुलिस कर्मियों को एनएच 37 पर चलने वाले नागरिक वाहनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का काम सौंपा गया है।