- मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को दिये कोविड जांच बढ़ाने के निर्देश
एबीएन सेंट्रल डेस्क। राज्य सरकार ने चारधाम यात्रा मार्गों पर कुल 200 एम्बुलेंस तैनात की हैं। इनमें ऑक्सीजन सिलेंडर सहित आवश्यक जीवन रक्षक सुविधाएं उपलब्ध हैं। यात्रा मार्गों पर तैनात आपातकालीन सेवा 108 के रिस्पांस टाइम को घटाकर 15 मिनट कर दिया गया है।
चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने चारधाम यात्रा की तैयारियों को समीक्षा बैठक की। डॉ रावत आज कर्नाटक विधानसभा चुनाव से लौटते ही सीधे विधानसभा स्थित कार्यालय कक्ष में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चारधाम यात्रा के संबंध में समीक्षा बैठक की। इसमें उन्होंने यात्रा पर आने वाले यात्रियों को बेहतर से बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिये।
मंत्री डॉ रावत ने कहा कि विशेष कर केदारनाथ और हेमकुंड साहिब जाने वाले यात्रियों की सुविधा के लिये बनाये गये एमआरपी (मेडिकल रिस्पांस प्वाइंट) पर तैनात मेडिकल स्टॉफ को आवश्यक जीवन रक्षक उपकरण एवं सुविधाएं उपलब्ध करायी जायें।
इसके साथ ही उन्होंने गंगोत्री, यमुनोत्री और बदरीनाथ यात्रा मार्गाें पर स्थित स्थाई और अस्थाई चिकित्सा इकाइयों में पर्याप्त दवाइयों के साथ ही चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती पर विशेष ध्यान देने को कहा। राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर को बदरी-केदार और हेमकुंड साहिब यात्रा के लिये बेस कैम्प बनाया गया है, जहां पर कार्डिक यूनिट सहित अन्य विशेषज्ञ चिकित्सक तैनात रहेंगे।
इसी प्रकार गंगोत्री, यमुनोत्री आने वाले यात्रियों के लिये एम्स ऋषिकेश को बेस कैम्प बनाया गया है ताकि आपातकाल स्थिति में किसी भी यात्री को निश्चित समय के अंतर्गत स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। विभागीय मंत्री ने कहा कि राज्य में कोरोना संक्रमण की स्थिति नियंत्रण में है, फिर भी सभी को सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।
उन्होंने विभागीय अधिकारियों को प्रदेशभर में अधिक से अधिक संख्या में कोरोना टेस्टिंग और टीकाकरण अभियान संचालित करने के निर्देश दिये साथ ही आम जनमानस को कोरोना के प्रति जागरूक करने को भी कहा।
बैठक में अपर सचिव स्वास्थ्य अमरदीप कौर, अपर सचिव अरुणेन्द्र सिंह चौहान, महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ विनीता शाह, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ आशुतोष सयाना, निदेशक स्वास्थ्य डॉ भारती राणा, अपर निदेशक डॉ मीतू शाह, संयुक्त निदेशक डॉ सुनीता चुफाल, कुलसचिव उत्तराखंड मेडिकल यूनिवर्सिटी डॉ एमके पंत, डॉ अनिल मोहन सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।