एबीएन सेंट्रल डेस्क। एक बार फिर कुर्मी समाज ने अनिश्चितकालीन रेल चक्का जाम की घोषणा की है। आज से खड़गपुर रेल मंडल के खेमाशुली और आंद्रा रेल मंडल के कुशतौर स्टेशन से इसकी शुरुआत करने का ऐलान कर दिया है।
दक्षिण पूर्व रेलवे की 48 ट्रेनें रद्द
दरअसल, पश्चिम मेदिनीपुर जिला अंतर्गत खड़गपुर ग्रामीण के खेमाशुली में आज सुबह 5 बजे से कुर्मी समाज का रेल चक्का जाम आंदोलन जारी है। इसके चलते रेलवे ट्रैक और राष्ट्रीय राजमार्ग दोनों जाम हो गये हैं। कई जगहों पर हजारों की संख्या में कुर्मी समाज के लोग सड़क और रेलवे ट्रैक पर उतर कर प्रदर्शन कर रहे हैं। राज्य में कई जगहों पर इसे लेकर विरोध प्रदर्शन हो रहा है। नीमडीह रेलवे स्टेशन में 3 राज्यों के लोग एक साथ जुटे। यहां राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से कुड़मी/कुरमी समाज के महिला पुरुष जमा हुए हैं। वहीं, आंदोलन एक बार फिर तेज होने से यात्रियों की परेशानी और बढ़ सकती है; क्योंकि बताया जा रहा है कि अब तक दक्षिण पूर्व रेलवे की 48 ट्रेनें रद्द हो गयी है।
कुर्मी समाज खुद को आदिवासी में शामिल करने की कर रहा मांग
कुर्मी समाज लंबे समय से खुद को आदिवासी में शामिल करने की मांग कर रहा है। कुर्मी समुदाय के सदस्यों का दावा है कि उन्हें 1931 तक अनुसूचित जनजाति के रूप में पंजीकृत किया गया था, लेकिन देश आजाद होने के बाद कुछ अज्ञात कारणों से उन्हें एसटी सूची से बाहर रखा गया। उनका कहना है कि वे ओबीसी सूची में शामिल हैं जबकि एसटी समुदाय की सुविधाओं के पात्र हैं। वहीं, खेमाशुली में कुर्मी समाज के आंदोलन के मद्देनजर रेलवे ने भी अपनी कमर कस ली है। रेलवे ने काफी संख्या में आरपीएफ के जवानों को खेमाशुली में प्रतिनियुक्त किया। इस कुर्मी आंदोलन पर रेलवे व जिला प्रशासन की कड़ी नजर हैं।
बता दें कि कुर्मी समाज ने इससे पहले दिन राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम करने की कोशिश की थी। अब कुर्मी समाज के प्रतिनिधियों ने खेमाशुली में रेल ट्रैक पर उतर कर रेलवे परिचालन सेवा को पूरी तरह से बाधित कर दिया है। इस आंदोलन की पूर्व में भनक लगते ही रेलवे ने इस डिवीजन से चलने वाली कई ट्रेनों को रद्द कर दिया है।