एबीएन सेंट्रल डेस्क। कोविड-19 मामलों से निपटने के क्रम में आपातकालीन प्रतिक्रिया का आकलन करने के लिए 10 और 11 अप्रैल को पूरे भारत में सार्वजनिक और निजी दोनों अस्पतालों में मॉक ड्रिल आयोजित की जायेगी। इसके साथ ही केंद्र सरकार ने कोविड-19 संक्रमण के नये समूहों के सामने आने के बाद शनिवार को कोरोना संक्रमण की पुष्टि और पहचान करने के लिए हरसंभव परीक्षण दर बनाये रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।
केंद्र सरकार का यह निर्देश कोविड-19 मामलों में क्रमिक लेकिन निरंतर वृद्धि के बीच आया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के रविवार को अपडेट किये गये आंकड़ों के अनुसार कोरोना के सक्रिय मामले बढ़कर 9,433 हो गये। देश में पिछले साल 28 अक्टूबर को एक दिन में 2,208 मामले दर्ज किये गये थे।
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण और आईसीएमआर के महानिदेशक राजीव बहल द्वारा संयुक्त रूप से राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि देश में सक्रिय कोविड-19 के अधिकांश मामले बड़े पैमाने पर केरल (26 फीसद), महाराष्ट्र (22 फीसद), गुजरात (14 फीसद), कर्नाटक (9 फीसद) और तमिलनाडु (6 फीसद) जैसे कुछ राज्यों द्वारा रिपोर्ट किये जा रहे हैं। एडवाइजरी में कहा गया है।
सभी राज्यों-केंद्रशासित प्रदेशों में कोविड-19 टीकाकरण के संदर्भ में प्राप्त महत्वपूर्ण कवरेज के कारण अस्पताल में भर्ती होने और मृत्यु की दर कम बनी हुई है, लेकिन मामलों में इस क्रमिक वृद्धि को रोकने के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यों को फिर से शुरू करने की आवश्यकता है। इसमें कहा गया है कि अस्पताल की तैयारियों, मानव संसाधनों की क्षमता निर्माण और टीकाकरण कवरेज का जायजा लेने के लिए आवश्यक मॉक ड्रिल के विवरण पर चर्चा करने के लिए सोमवार को राज्यों के साथ एक डिजीटल बैठक होगी।
स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट के अनुसार राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत देश में अब तक कोविड टीके की 220.65 करोड़ खुराकें दी जा चुकी हैं। बीमारी से उबरने वालों की संख्या बढ़कर 4.41 करोड़ हो गयी, जबकि मृत्यु दर 1.19 प्रतिशत दर्ज की गयी है।
मंत्रालय ने कहा कि सक्रिय मामलों में अब कुल संक्रमणों का 0.02 प्रतिशत शामिल है, जबकि राष्ट्रीय कोविड-19 रिकवरी दर 98.79 प्रतिशत दर्ज की गयी है। सात मौतों के साथ कोरोना से मरने वालों की संख्या बढ़कर 5,30,831 हो गई है, जबकि 24 घंटे की अवधि में महाराष्ट्र और गुजरात ने दो मौतों की सूचना दी थी।