एबीएन सेंट्रल डेस्क। होली का त्योहार जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, बाजारों की रौनक बढ़ती जा रही है। रंग-गुलाल, पिचकारी व टोपी के साथ तरह-तरह के मुखौटों की दुकानें सज चुकी हैं। पिछले वर्ष की तुलना में पिचकारी के दामों में 30 प्रतिशत तक उछाल आया है।
रंगों से तन को सराबोर करने के लिए पिचकारी की मांग ज्यादा है। खास बात यह है कि इस बार बाजार से चीनी पिचकारी गायब है। पूरी तरह भारतीय पिचकारियों की बहार है। ऐसे में भारतीय पिचकारियों से लोग एक-दूसरे को रंगों से सराबोर करते नजर आयेंगे। सिविल लाइन, संकट मोचन, वासलीगंज, घंटाघर आदि जगहों पर होली के सामान खरीदने वालों की भीड़ जुटने लगी है। विभिन्न कार्टून करैक्टर और रंग लगाने के विभिन्न उपकरण बच्चों को खासा आकर्षिक कर रहे हैं। सुबह-शाम दुकानों पर बच्चों की भीड़ देखी जा सकती है। वहीं बड़े भी कहीं पीछे नहीं हैं।