- निगम में स्थायी समिति के चुनाव में मारपीट और गुंडागर्दी करने वाले निगम पार्षदों की सदस्यता रद्द हो : चौ अनिल कुमार
एबीएन सेंट्रल डेस्क। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चौ0 अनिल कुमार ने दिल्ली के उपराज्यपाल से मांग की है कि दिल्ली नगर निगम सदन स्थायी समिति के सदस्यों के चुनाव के दौरान गुंडागर्दी व हंगामा करने वाले निगम पार्षदों की पहचान करके तुरंत प्रभाव से उनकी सदस्यता रद्द करें; क्योंकि महापौर, उप महापौर के चुनावों से लेकर चौथी बार भाजपा और आम आदमी पार्टी के पार्षदों की यह आपसी जंग लगातार जारी है, जिसने भारतीय लोकतंत्र की गरिमा को धूमिल कर दिया है।
चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि निगम चुनाव को 3 महीने पूरे होने को हैं परंतु आम आदमी पार्टी और भाजपा के बीच आपसी टकराव खत्म होने का नाम नही ले रहा। मेयर व डिप्टी मेयर बन जाने के बाद स्थायी समिति के सदस्यों का चुनाव दोनो पार्टियों के लिए जंग का मैदान बना दिया है। उन्होंने कहा कि स्थायी समिति का गठन एक वैधानिक प्रक्रिया है जिसे पूरा करना जरुरी है। भाजपा और आम आदमी पार्टी के पार्षदों द्वारा स्थायी समिति के सदस्यों के चुनाव के दौरान गतिरोध व प्रतिरोध का माहौल उत्पन्न करना लोकतांत्रिक व्यवस्था में विधन डालने का काम है, जिसको गंभीरता से लेते हुए उपराज्यपाल को हस्तक्षेप करना चाहिए।
चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व और आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल के गलत निर्देशों और हठधर्मिता के कारण दिल्ली की जनता के हितों, दिल्ली के विकास और कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने में देरी हो रही है। उन्होंने कहा कि यदि स्थायी समिति के सदस्यों का चुनाव नही होता है तो सदन के एजेंडे में शामिल योजनाओं के प्रस्ताव पास करने और विभिन्न मामलों पर चर्चा होना मुश्किल है क्योंकि सदन के एजेंडे में सबसे पहला प्रस्ताव स्थायी समिति के सदस्यों का चुनाव कराना संबधी होगा। उन्होंने कहा कि डीएमसी एक्ट अनुसार यह प्रावधान है कि स्थायी समिति के सदस्यों के चुनाव को स्थगित करके अन्य किसी भी प्रस्ताव निर्णय नहीं लिया जा सकता।
चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि निगम चुनावों के बाद जितनी बार भी सदन चला, उसमें भाजपा और आम आदमी पार्टी के पार्षदों ने मारपीट, गुंडागर्दी कर हंगामा करके अपनी ताकत दिखाकर उन्होंने दिल्ली नगर निगम सदन लोकतंत्र की हत्या करके संवैधानिक नियमों व प्रक्रियाओं उलंघन किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी निगम की सत्ता में भी रही है और विपक्ष में भी। इतिहास में कभी ऐसी अलोकतांत्रिक और असंवैधानिक गतिविधि कांग्रेस पार्षदों के द्वारा कभी नही हुई। उन्होंने कहा कि दिल्ली कांग्रेस उपराज्यपाल से पुन: मांग करती है कि सदन को अमर्यादित व्यवहार से कलंकित करने वाले निगम पार्षदों की पहचान करके उनके खिलाफ कार्यवाही हो।