एबीएन सेंट्रल डेस्क। पश्चिम बंगाल में बच्चों के बीच एडिनोवायरस के मामलों में तेजी दर्ज की जा रही है। राज्य में आईसीएमआर-नाइस्ड द्वारा बच्चों में श्वसन संक्रमण के कम से कम 32% सैंपल्स में वायरस पाया गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि राज्य भर के सरकारी और निजी अस्पतालों में बाल चिकित्सा वॉर्ड सांस की बीमारियों से पीड़ित बच्चों के चलते तेजी से भर रहे हैं, जिनमें से कई एडिनोवायरस से संक्रमित माने जा रहे हैं।
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, एडिनोवायरस से संबंधित श्वसन संक्रमण से जूझने के बाद रविवार को छह महीने के बच्चे और ढाई साल की बच्ची की मौत हो गयी।
क्या है एडिनोवायरस : क्लीवलैंड क्लिनिक की एक रिपोर्ट के अनुसार, एडिनोवायरस एक तरह का वायरस है जो आपके शरीर को हल्के से लेकर गंभीर तक कई तरह से संक्रमित कर सकता है। एडिनोवायरस संक्रमण ज्यादातर श्वसन प्रणाली को प्रभावित करता है।
इस बीमारी में नियमित सर्दी या फ्लू जैसे लक्षण होते हैं। अधिकांश वायरल संक्रमण हल्के होते हैं और इनमें केवल लक्षणों के कम होने की जरूरत होती है।
एडिनोवायरस जिन लोगों को संक्रमित कर सकता है रिसर्चर्स ने उनकी पहचान की है। एडिनोवायरस संक्रमण पूरे साल होता है, लेकिन आमतौर पर सर्दियों और शुरुआती वसंत में ये चरम पर होता है। संक्रमण के लक्षण हल्के से लेकर गंभीर तक हो सकते हैं, लेकिन इसमें ज्यादा बीमार होना असामान्य है।