उत्तर प्रदेश। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सिद्धार्थनगर में उत्तर प्रदेश के 9 मेडिकल कॉलेजों के उद्घाटन कार्यक्रम में पहुंचे। उन्होंने आत्म निर्भर स्वस्थ भारत योजना की भी शुरुआत की। मेडिकल कॉलेजों के उद्घाटन के बाद पीएम ने कहा कि स्वस्थ भारत आज योजनाओं का लोकार्पण स्वस्थ और निरोग भारत की दिशा में बड़ा कदम है। पीएम मोदी ने कहा कि पूर्वांचल की छवि को पिछली सरकारों ने पहले बर्बाद किया। उन्होंने कहा कि दिमागी बुखार के कारण इस क्षेत्र को बदनाम किया गया। अब वही क्षेत्र नई उम्मीदों का संचार करेगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यूपी के लोग यह नहीं भूल सकते कि योगी जी ने सीएम न होने के बावजूद बतौर सांसद यूपी की खराब चिकित्सा प्रणाली के बारे में कैसे प्रकाश डाला था। उन्होंने कहा कि क्या पहले कभी ऐसा हुआ है कि 9 कॉलेजों का उद्घाटन हुआ। इसका कारण राजनीतिक प्राथमिकताएं हैं। पिछली सरकारें केवल अपने परिवार के लॉकर भर रही थीं और अपने लिए कमाई कर रही थीं, लेकिन हमारी प्राथमिकता गरीबों का पैसा बचाना और उन्हें सुविधाएं मुहैया कराना है।सिद्धार्थनगर में पीएम मोदी ने कहा कि इन 9 नए मेडिकल कॉलेजों को खोलने से 2500 से अधिक नए बेड जुड़ेंगे। 5000 से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि पहले सरकार ने पूर्वांचल के लोगों को बीमारियों से पीड़ित होने के लिए छोड़ दिया था, लेकिन अब यह उत्तर भारत का मेडिकल हब बन जाएगा। सिद्धार्थनगर के कार्यक्रम के बाद पीएम वाराणसी जाएंगे। प्रधानमंत्री वाराणसी के दौरे के दौरान भी यूपी को कई विकास योजनाओं की सौगात देंगे। प्रधानमंत्री वाराणसी के मेहदीगंज में जनसभा कर आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। यह देश भर में स्वास्थ्य ढांचा मजबूत करने वाली एक देशव्यापी व सबसे बड़ी योजना है। प्रधानमंत्री अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में गौदोलिया से दशाश्वमेध घाट तक खूबसूरत गुलाबी पत्थरों से बने गलियारे का शुभारंभ भी करेंगे। सड़क के दोनों तररफ की प्राचीन इमारतों को उनके मूल स्वरुप के साथ खूबसूरत बनाया गया है। वाराणसी के दशाश्वमेध घाट पर अमलेश शुक्ला व कन्हैया दुबे के टीम के द्वारा संगीत के कार्यक्रम का आयोजन किया गया है, जहां वह अपने गीतों के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत कर रहे हैं और अपना हर्ष व्यक्त कर रहे हैं। बता दें कि मोदी सरकार ने स्वस्थ भारत के लिये चार-स्तरीय रणनीति बनाई है। जिसमें स्वच्छ भारत अभियान, योग, गर्भवती महिलाओं बच्चों की समय पर देखभाल एवं उपचार जैसे उपायों सहित बीमारी की रोकथाम और स्वास्थ्य कल्याण को बढ़ावा देना है। इस योजना की घोषणा केंद्रीय बजट 2021-22 में की गई थी। इस योजना का उद्देश्य देश के सुदूर हिस्सों में प्राथमिक, माध्यमिक और तृतीयक देखभाल स्वास्थ्य प्रणालियों की क्षमता विकसित करना है। देश में ही अनुसंधान, परीक्षण और उपचार के लिये एक आधुनिक व्यवस्थित तंत्र विकसित करना है। यह योजना केंद्र सरकार द्वारा वित्तपोषित है और इसके लिये करीब 64,180 करोड़ रुपए का बजट निर्धारित किया गया है, जिसकी अवधि 5 वर्ष है।