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बजट में रियल एस्टेट सेक्टर और होम लोन में टैक्स छूट की मांग

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बजट में रियल एस्टेट सेक्टर और होम लोन में टैक्स छूट की मांग
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  • पीपीपी मॉडल को भी शामिल करने पर जोर

राघव अग्रवाल

एबीएन सेंट्रल डेस्क। इस साल 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आम बजट 2023-24 पेश करेंगी। हर साल की तरह ही इस साल भी देश के प्रमुख सेक्टर को बजट से उम्मीदें हैं। बिजनेस स्टैंडर्ड ने बात की रियल एस्टेट के कुछ एक्सपर्ट्स से, आइए एक नजर डालते हैं साल 2023 के आम बजट से इस सेक्टर को क्या हैं उम्मीदें :

रियल एस्टेट इंडस्ट्री के एक्सपर्ट्स ने बजट 2023 में सरकार से होम लोन के ब्याज पर टैक्स कटौती की सीमा को 2 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने का सुझाव दिया है।

उन्होंने बिजनेस स्टैण्डर्ड के साथ बातचीत में कहा कि अगले फाइनेंशियल ईयर के बजट में किफायती यानी अफोर्डेबल हाउसिंग में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल को बढ़ावा देने के लिए कुछ इंसेंटिव भी लाए जाने चाहिए।

रियल एस्टेट डेवलपमेंट कंपनी सिग्नेचर ग्लोबल के फाउंडर और चेयरमैन प्रदीप अग्रवाल ने कहा कि करीब 7-8 साल की खामोशी के बाद रियल एस्टेट सेक्टर में पिछले दो साल से अच्छी डिमांड और सेल्स देखी जा रही है।

उन्होंने कहा कि होम लोन पर बढ़ते इंटरेस्ट को ध्यान में रखते हुए सरकार को होम लोन के ब्याज पर टैक्स कटौती की सीमा बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने पर विचार करना चाहिए।

रियल एस्टेट सेवा एजेंसी कलिएर्स इंडिया में एडवाइजरी सर्विसेज के मैनेजिंग डायरेक्टर शुभांकर मित्रा ने कहा कि सरकार को किफायती हाउसिंग सेक्टर में इंस्टीट्यूशनल कंपनियों की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए इंसेंटिव देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सरकार को पीपीपी मोड में किफायती किराये की हाउसिंग योजनाओं को बढ़ावा देने की भी जरूरत है। पीपीपी मॉडल को वंचित वर्ग के लिए बड़े पैमाने पर घर और हाउसिंग की जरूरतों को पूरा करने के लिए इंसेंटिव दिया जाना चाहिए।

वहीं, एक्सपर्ट्स का कहना है कि रियल्टी सेक्टर मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज समेत 200 अन्य उद्योगों को संचालित करता है। इस प्रकार इस सेक्टर के लिए इंसेंटिव का अन्य उद्योगों पर फायदेमंद प्रभाव पड़ेगा।

एक अन्य रियल्टी कंपनी त्रेहन ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर सारांश त्रेहन ने सहमति जताते कहा कि होम लोन से जुड़ी टैक्स कटौती की सीमा को बढ़ाया जाना चाहिए।

लग्ज़री होम डेवलपर्स ग्रोथ को लेकर पॉजिटिव : सेल्स और रेंट के लिए लग्जरी हाउस सेगमेंट में महामारी के पिछले दो सालों में अच्छी वृद्धि देखी गई है। अनरॉक की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, पिछले दो वर्षों में सात प्रमुख शहरों में पॉश हाउसिंग कॉलोनियों में एवरेज मंथली किराया 8 से 18 प्रतिशत बढ़ा है। दूसरी ओर, उनके कैपिटल वैल्यू में 2 से 9 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

गोवा में लग्जरी होम डेवलपर्स लिंकन बेनेट रोड्रिग्ज के चेयरमैन और फाउंडर लिंकन बेनेट रोड्रिग्स ने कहा कि भारत में लग्जरी हाउसिंग बाजार में जोरदार वृद्धि देखी जा रही है। इसमें नए अल्ट्रा रिच लोग खरीदारी कर रहे हैं। इस तरह सेंटीमेंट को ऊंचा रखने के लिए बजट में टैक्स छूट पर ध्यान देना चाहिए।

ग्राहकों को होम लोन की बढ़ती ईएमआई से बचाने को लेकर इंडिया सोथेबीस इंटरनेशनल रियलिटी के सीईओ अमित गोयल ने कहा कि मुझे विश्वास है कि होम लोन पर इंटरेस्ट और मूल राशि पर टैक्स ब्रेक 2 से बढ़ाकर 5 लाख कर दिया जायेगा। यह उद्योग और घर खरीदारों के लिए समान रूप से सबसे स्वागत योग्य कदम होगा।

को-वर्किंग स्पेस कंपनियों के लिए कागजी कार्रवाई में कटौती करने की भी मांग : बड़ी टैक्स कटौती वृद्धि की मांग के अलावा को-वर्किंग स्पेस डेवलपर्स चाहते हैं कि सरकार उनकी सर्विसेज पर टीडीएस की दर को कम करे और कागजी कार्रवाई को कम करे।

को-वर्किंग फर्म 315 वर्क एवेन्यू के फाउंडर मानस मेहरोत्रा ने कहा कि वर्तमान में को-वर्किंग सर्विसेज पर लागू टीडीएस की दर अधिक है क्योंकि को-वर्किंग कंपनियां मूवेबल और इमूवेबल दोनों का किराया प्रदान करती हैं।

उन्होंने कहा कि क्योंकि को-वर्किंग स्पेस में प्रतिस्पर्धी अधिक है, इसलिए को-वर्किंग सर्विसेज पर टीडीएस की दर कम करना एक पॉजिटिव पहल होगी।

बता दें, 2023 का बजट सत्र 31 जनवरी से शुरू होगा और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को केंद्रीय बजट की घोषणा करेंगी।

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