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भारतीय कृषि-चुनौतियां एवं संभावनाएं विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला संपन्न

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भारतीय कृषि-चुनौतियां एवं संभावनाएं विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला संपन्न
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एबीएन सेंट्रल डेस्क। आज माघ कृष्ण अष्टमी 15 जनवरी रविवार को कुलपति रानी लक्ष्मी बाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय झांसी डॉ अशोक कुमार सिंह के नेतृत्व में चल रही दो दिवसीय कार्यशाला संपन्न हुई। इसे भारतीय एग्रो - इकोनॉमिक रिसर्च सेंटर, नई दिल्ली एवं रानी लक्ष्मी बाई केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय, झांसी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। आज की अध्यक्षता प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ एसएस सिंह ने की। 

डॉ आशुतोष मुरकुटे ने मानव संसाधन प्रबंधन, विभिन्न स्तरों के भौगोलिक क्षेत्रों, कार्य क्षेत्रों, कार्यकर्ताओं की निपुणता एवं कौशल्य आदि के विषय पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि समाज में हमें ऐसा कार्य करना चाहिए, जिसमें हमारे देश का भला हो और देश का नाम हो। डॉ भरत कुलकर्णी ने कहां की आज अंतरराष्ट्रीय बाजारों से किसान जुड़ रहा है चाहे वह काफ़ी का क्षेत्र हो, तिल का क्षेत्र हो, बाजरे का क्षेत्र हो, इसमें किसानों ने बाजार से जुड़कर लाभ लेना शुरू किया है। छत्तीसगढ़ से आये सुरेंद्र ने लैब और लैंड, लैंड और लैब पर कहा कि हमारे देश के कृषि  वैज्ञानिक शोध बहुत सुंदर कर रहे हैं। 

इनका परिणाम भी हमको सकारात्मक मिलने लगा है। उनकी शोध के द्वारा ही छत्तीसगढ़ के किसानों को मछली पालन में अधिक लाभ मिलना प्रारंभ हो गया है। यहां पर किसान ऑर्गेनिक काफ़ी भी पैदा कर रहे हैं। उपाध्यक्ष भारतीय एग्रो - इकोनॉमिक रिसर्च सेंटर के डॉ श्रवण कुमार दुबे ने सर्वेक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला। डॉ एसएस सिंह ने भारतीय एग्रो रिसर्च सेंटर किस तरह किसानों के हित में कार्य करेगा तथा सर्वेक्षण पद्धतियां पर अपना विस्तार से व्याख्यान दिया। 

भारत में जीएम तथा कृषि क्षेत्र विषय पर अद्यिष्ठाता कृषि रानी लक्ष्मी बाई केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय, झॉंसी डॉ एसके चतुर्वेदी ने अपने विचार रखें। डॉ सुनील पारीक ने कृषि क्षेत्र से संबंध विषयों हेतु सही धारणा की आवश्यकता पर सुझाव दिया। अध्यक्ष भारतीय एग्रो इकोनामिक रिसर्च सेंटर एडवोकेट प्रमोद कुमार चौधरी एवं महामंत्री डॉ मकरंद करकरें  ने मुक्त चिंतन पर व्याख्यान दिया। भारतीय किसान संघ के सचिव दिनेश दत्तात्रेय कुलकर्णी ने नीति क्या होती है, कार्यक्रम कैसे बनते हैं, हमारी क्या भूमिका है, कार्यकर्ताओ से अपेक्षाएं विषय पर विस्तार से अपनी बात रखी। 

अतिथियों द्वारा सभी पदाधिकारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसमें भारत देश के प्रत्येक प्रांत से प्रतिनिधि यहां उपस्थित हुएं और किसान हित की बात रखी। इस कार्यशाला मैं तेलंगाना, कर्नाटका, केरल, नई दिल्ली, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ समेत देश के सभी प्रांत से कार्यकर्ता उपस्थित रहे। संचालन डॉ आशुतोष मुरकटे एवं आभार डॉ श्रवण कुमार दुबे ने किया।

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