एबीएन सेंट्रल डेस्क। देश की राजधानी दिल्ली के एयरपोर्ट पर चोरी की घटनाओं में इजाफा होता जा रहा है। एयरपोर्ट से गत वर्ष जहां 57 बैगों से सामान चोरी किया गया। वहीं लगभग 80 मोबाइल बड़ी सफाई से चोरों ने लोगों की जेब से गायब कर दिये। इसके अलावा 100 से अधिक चोरी की घटनाएं आईजीआई एयरपोर्ट पर हुईं।
चोरी की अधिकांश घटनाओं में बैगों से नकदी, गहने और कीमती सामान चोरी किया गया। इन घटनाओं को लेकर दिल्ली एयरपोर्ट के थाने में एफआईआर भी दर्ज हुई हैं पर लगभग 12000 सीसीटीवी कैमरों से लैस दिल्ली एयरपोर्ट में इन घटनाओं को लेकर कोई सुराग नहीं मिला है। एयरपोर्ट पर चोरी करने वाले कई बार बैग को जोर से पटकते हैं जिससे या तो उसकी चेन खुल जाती है या वह फट जाता है। इसके बाद वे सामान निकाल लेते हैं। चेन पर पैन का नुकीला हिस्सा मारकर भी खोल लेते हैं।
सामान निकालने के बाद वे चेन बंद करने का भी हुनर जानते हैं। गत दिसम्बर महीने में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने एयरपोर्ट के भीतर जाकर चोरी की घटनाओं की छानबीन की थी। अधिकारियों ने पाया कि ट्रॉली में सामान लेकर लोडर उसे विमान तक ले जाते हैं। यह दूरी कभी 100 मीटर तो कभी एक किलोमीटर तक भी रहती है। लोडर इस दौरान सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में नहीं रहते हैं।
पुलिस का मानना है कि इसी दौरान मौके का फायदा उठाकर बैग के भीतर रखी नकदी और कीमती सामान चोरी हो जाता है। छानबीन के आधार पर पुलिस और ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (बीसीएएस) ने विभिन्न विमान कंपनियों के साथ एक बैठक की है। इसमें चोरी रोकने के उपाय बताये गये हैं। चोरी की घटनाओं पर नजर रखने के लिए पुलिस ने अब एंटी थैफ्ट टीम का गठन किया है।