एबीएन सेंट्रल डेस्क। सीएम अशोक गहलोत ने कहा है कि मेरा बस चले तो मैं गेंगस्टर-रेपिस्ट के बाल उतरवाकर परेड करवाऊं। राजस्थान एसीबी के वरिष्ठ अधिकारी द्वारा ट्रैप किए जाने वाले सरकारी कार्मिकों की पहचान उजागर नहीं करने के तुगलकी फरमान पर मीडियाकर्मियों के सवाल पर सवाल के दौरान सीएम गहलोत ने यह बात कही।
उदयपुर में मीडियाकर्मियों से चर्चा के दौरान उन्होंने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने हथकड़ी लगाने से भी मना कर दिया, अब पुलिस आरोपित को हाथ से पकड़कर लाती है। हथकड़ी लगी होती थी तो अन्य लोगों में भी भय बैठता था कि इससे उनका सामाजिक मानमर्दन होगा और वे अपराध की दिशा में बढ़ने से पहले सोचते थे।
सुप्रीम कोर्ट के ही एक आदेश का जिक्र करते हुए उन्होंने एसीबी के एडीजी द्वारा निकाले गये तुगलकी फरमान का बचाव किया, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि वे जयपुर पहुंचकर इसकी समीक्षा करेंगे। अपने जवाब में उन्होंने इतना तो कह ही दिया कि मीडिया को कवरेज से रोकने की कोई बात नहीं कही गई है। मीडिया को जानकारी मिलती है तो जानकारी के अनुसार समाचार प्रसारित करने के लिए मीडिया स्वतंत्र है। उन्होंने वसुंधरा राजे सरकार द्वारा निकाले गये ऐसे ही अध्यादेश का भी जिक्र करते हुए कहा कि विरोध के बाद यह अध्यादेश वापस लिया गया था। गहलोत ने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी नीति सख्त है और रहेगी।