- 92 लाख से अधिक आरोप पत्र वितरित
एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता व राज्यसभा सांसद डॉ सुधांशु त्रिवेदी ने बुधवार को कहा कि राजस्थान की 128 विधानसभाओं में राज्य सरकार के खिलाफ जन आक्रोश महासभाएं भाजपा द्वारा हो चुकी है। जन आक्रोश यात्रा द्वारा 62 हजार 211 नुक्कड़ सभाएं एवं चौपालें आयोजित कर प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रुप से 2 करोड़ 25 लाख लोगों से संपर्क किया गया और 92 लाख से अधिक आरोप पत्र वितरित किये जा चुके हैं। साथ ही राज्य में 1 लाख 15 हजार किलोमीटर रथयात्राएं हुईं है। शेष विधानसभाओं में 10 जनवरी तक महासभाएं पूर्ण कर ली जायेंगी। भाजपा प्रदेश मुख्यालय पर पत्रकार सम्मेलन में त्रिवेदी ने यह जानकारी दी।
डॉ त्रिवेदी ने कहा कि राजस्थान में कांग्रेस तुष्टिकरण की राजनीति कर रही है, सांप्रदायिकता, वैमनस्यता एवं धार्मिक उन्माद फैलाने वाले असामाजिक तत्वों के विरूद्ध कठोर कार्रवाई नहीं करते। करौली, जोधपुर, भीलवाड़ा में हुए सांप्रदायिक उन्माद राज्य में बिगड़ी कानून व्यवस्था की स्थिति को दशार्ता है। अतीत में राजस्थान की छवि शांति समृद्धि और राष्ट्रीय गौरव को प्रकट करने वाली थी और पर्यटकों के पंसद का राज्य माना जाता रहा है, लेकिन राजस्थान कांग्रेस के 4 वर्षों के शासन में अराजकता और खतरनाक कट्टरता में बहता हुआ राजस्थान बना दिया है। कानून व्यवस्था लचर होने से बच्चियां और महिलाएं अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रही है। बलात्कार के मामलों को लेकर राजस्थान के वरिष्ठ मंत्री विधानसभा में कहते है कि मर्दों का प्रदेश है, कहां गयी मर्दानगी जब कन्हैयालाल की गर्दन उड़ायी गयी। मुख्यमंत्री भी कहते है कि महिलाओं की ओर से 56 फीसदी दर्ज कराये गये मामले झूंठे होते है, अशोक गहलोत इन मामलों में कितने बड़े सांख्यिकी और गणितीय विशेषज्ञ हो गये हैं, इतनी सटीकता के साथ प्रतिशत बता रहे है, यह बोलना सरकार की संवेदनहीनता का बहुत बड़ा उदाहरण है।
डॉ त्रिवेदी ने कहा कि 2019 के लोकसभा चुनाव के घोषणा पत्र में देशद्रोह कानून को खत्म करने की बात कांग्रेस ने कही, गहलोत सरकार ने अपने मंत्रियों और विधायकों पर ही देशद्रोह के मुकदमे दर्ज करवाये। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने जो युवाओं को रोजगार, किसानों की कर्जमाफी के वादे किये, उसमें से एक भी वादा पूरा नही कर पाई, राजस्थान में पेपर लीक होना आम बात हो गई है, एक के बाद एक पेपर लीक के मामले सामने आ रहे है। कांग्रेस सरकार में क्राइसिस के कारण जनता के बीच क्रेडिबिलीटी खो चुकी है, अभी तक राजस्थान में हुए पेपर लीक मामलों में निश्चित रूप से कांग्रेस सरकार से जुड़े लोग शामिल है, इसी वजह से कांग्रेस सरकार सीबीआई जांच नहीं करवाती है।
महंगाई पर भाषण न देकर राहुल ने दिया हिंदू-हिंदुत्व पर कंफ्यूजन भाषण : डॉ त्रिवेदी ने कहा कि राहुल गांधी ने अपै्रल 2021 में महंगाई रैली में जयपुर की धरती से भाषण देते हुए कंन्फ्यूजन की शुरुआत की। महंगाई पर भाषण ना देकर हिंदू व हिंदुत्व पर कंफ्यूजन भाषण दिया। पहले तो हिंदु बनाम हिंदुत्व में कंफ्यूज रखते थे और अब महंगाई बनाम हिंदुत्व में रहते है। अर्थव्यवस्था में भी कंफ्यूज हो जाते है, भारत सबसे बड़ा मोबाइल एक्सपोर्टर होता जा रहा है। राहुल गांधी कहते है मैन्युफेक्चुरिंग नहीं हो रहीे है, जबकि 200 से अधिक मोबाइल मैन्युफेक्चुरिंग यूनिट काम कर रही है। देश आज विमान युद्धपोत बना रहा है, जबकि राहुल गांधी कहते है कि कुछ भी नहीं बन रहा है। राहुल गांधी में कंफ्यूजन की पराकाष्ठा है, कंफ्यूजन ऐसा है कि राजस्थान में भी खूब घमासान हुआ। राजस्थान की सरकार के जहाज को 2 पायलट चला रहे है, दोनों जहाज को अपने-अपने हिसाब से डायरेक्शन में ले जाना चाह रहे है, जहाज को चला कौन रहा है, दोनों एक दूसरे के ऊपर सुंदर पुष्प वर्षा कर रहे है। पत्रकार सम्मेलन में प्रदेश मंत्री लक्ष्मीकांत भारद्वाज, अशोक सैनी, प्रदेश मीडिया सह संयोजक अशोक सिंह शेखावत मौजूद रहे।