- 23 दिसंबर : भारतीय राष्ट्रीय किसान दिवस पर विशेष
एबीएन सेंट्रल डेस्क। किसान दिवस हर साल आज के दिन 23 दिसंबर को मनाया जाता है।भारत एक कृषि प्रधान देश है। हमारी संपन्नता हमारे कृषि उत्पादन पर निर्भर करती है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए भारतीय कृषक की एक बड़ी भूमिका है। वास्तव में भारत कृषकों की भूमि है। हमारी 75% जनता गांव में रहती है। भारतीय किसान का सर्वत्र सम्मान होता है। वह ही संपूर्ण भारत वासियों के लिए अन्न और सब्जियां उत्पन्न करता है।
पूरा वर्ष भारतीय कृषक खेत जोतने, बीज बोने और फसल उगाने में व्यस्त रहता है। वास्तव में उसका जीवन अत्यंत व्यस्त होता है। वह प्रातः उठता है और खेतों में चला जाता है। खेतों में वह दिन भर काम करता है। मेहनत करता है और देर रात तक घर आता है। वह दिनभर खेतों में काम करता है। उनके भोजन बहुत ही साधारण होते हैं। कठिन परिश्रम के बाद ही अनाज का उपज होता है। इतना परिश्रम करने के बाद भी उसे बहुत कम लाभ होता है। वह अपनी उपज को बहुत कम दामों पर बाजार में बैचता है।
कृषक बहुत ही सादा जीवन जीता है। उसका पहनावा बहुत ही साधारण होता है। वे फुस झोपड़ियों में रहते हैं। अभी तो बहुत किसानों के पक्के मकान भी बन गये है। उनकी संपत्ति कुछ बैल, हल और कुछ एकड़ धरती ही होती है। वह अधिकतर अभाव का जीवन जीता है। एक कृषक राष्ट्र की आत्मा होती है। हमारा देवगन राष्ट्रपति लाल बहादुर शास्त्री ने नारा दिया था जय किसान जय जवान उन्होंने कहा था कि किसान राष्ट्र के अन्नदाता है। उसी पर कृषि उत्पादन निर्भर करता है। उन्हें कृषि के सभी आधुनिकतम यंत्र और उपयोगी रसायन उपलब्ध कराने चाहिए ताकि वह अधिक उत्पादन कर सके। किसान दिवस आज के दिन चौधरी चरण सिंह जयंती पर आज मनाया जा रहा है।