एबीएन सेंट्रल डेस्क। खमरिया थानान्तर्गत परियट नदी के नजदीक स्थित ग्राम मटामर में शुक्रवार की सुबह एक गौशाला में लोगों ने चार फुट के मगरमच्छ को घूमते देखा। आनन-फानन में पुलिस एवं प्राणी विशेषज्ञों से संपर्क कर उन्हें मौके पर बुलवाकर मगरमच्छ को पकड़कर सुरक्षित मगर सेंचुरी परियट नदी में छोड़ा। खमरिया थाना प्रभारी निरूपा पाण्डेय ने बताया कि ग्राम मटामर स्थित गौशाला में सुबह जब साफ-सफाई का काम चल रहा था, इसी दौरान गौशाला के संचालक नेतराम पटैल की नजर मगरमच्छ पर पड़ी। वो गौशाला में यहां से वहां शिकार के लिए घूम रहा था। मगरमच्छ को देखते ही आसपास अफरातफरी मच गई। मगरमच्छ बहुत बड़ा नहीं रहा, इसलिए लोग बहुत भयभीत तो नहीं रहे, लेकिन भयानक देखने वाले इस बेबी-मगरमच्छ को पकड़ना तो दूर उसके आस-पास फटकने तक से लोग घबरा रहे थे। लिहाजा इसकी सूचना प्राणी विशेषज्ञ धर्मेंद्र रजक को दी गई, जिन्होंने शंकरेंद्र नाथ, नेतराम बर्मन, बलिराम बर्मन के सहयोग से मगरमच्छ को पकड़ने में सफलता प्राप्त कर ली। घटना की जानकारी वन विभाग के आला अधिकारियों को भी दिये जाने की बात कही जा रही है। बाद में वन विभाग के अफसरों की सहमति से ही पकड़े गये मगरमच्छ को परियट नदी स्थित मगर सेंचुरी में छोड़ दिया गया।