एबीएन सेंट्रल डेस्क। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को एक बार दोबारा गुजरात के मोरबी पुल हादसे की जांच हाईकोर्ट के न्यायाधीश की अध्यक्षता में करवाने की मांग की। उन्होंने कहा कि ऐसा किए बिना इस काम में हुए सरकारी भ्रष्टाचार की सच्चाई बाहर आना संभव नहीं हैं। सीएम ने ट्वीट कर अंग्रेजी अखबार में प्रकाशित एक समाचार का हवाला देते हुए लिखा कि मोरबी पुल हादसे की शुरुआती जांच से पता चला है कि 2 करोड़ रुपये में से सिर्फ 12 लाख रुपये यानी सिर्फ 6 प्रतिशत राशि ही पुल के रख रखाव पर खर्च हुई। यह गुजरात की बीजेपी सरकार के भ्रष्टाचार का प्रत्यक्ष उदाहरण है। ऐसी भ्रष्ट सरकार को सत्ता में रहने का कोई अधिकार नहीं है। गहलोत ने लिखा कि-कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे एवं पूरी पार्टी की मांग है कि जब तक हाईकोर्ट के न्यायाधीश की अध्यक्षता में इस घटना की न्यायिक जांच नहीं होगी तो इतने बड़े स्तर के सरकारी भ्रष्टाचार की सच्चाई बाहर आना संभव नहीं है।
श्याम सरन नेगी के निधन पर संवेदना प्रकट : मुख्यमंत्री गहलोत ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के एक अन्य ट्वीट को री-ट्वीट कर आजाद भारत के पहले मतदाता श्याम सरन नेगी के निधन पर संवेदना प्रकट की। उन्होंने लिखा कि-आजाद भारत के पहले मतदाता श्याम सरन नेगी का निधन एक दु:खद समाचार है। उन्होंने देश को स्वतंत्र आसमान में पहली सांस लेते देखा था और अपनी आखिरी सांस तक लोकतंत्र की डोर को थामे रखा। नेगी हमें सदा देश के प्रति हमारे दायित्व की याद दिलायेंगे।