एबीएन सेंटल डेस्क। हरियाणा न्यायिक परीक्षा के सोमवार को जारी हुए परिणाम में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आये हैं। इसकी मुख्य परीक्षा के टॉपर साक्षात्कार में पिछड़ गये, वहीं सूची में नीचे स्थान वाले उनसे आगे निकल गये। मुख्य परीक्षा में 573 अंकों के साथ टॉप करने वाली एक महिला अभ्यर्थी को साक्षात्कार में 200 में से मात्र 34.29 नंबर मिले। उनका चयन तो हो गया, लेकिन वह सूची में चौथे नंबर पर आ गईं। कुल 239 पदों के लिए आवेदन मांगे गए थे, 121 का ही चयन हुआ है। सामान्य वर्ग के कुल 156 पदों के लिए मुख्य परीक्षा पास करने वाले 310 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया गया था, जिनमें से 82 का चयन हुआ। चयनित अभ्यर्थियों में मुख्य परीक्षा में 450 से 573 नंबर हासिल करने वाले शामिल हैं। इनको साक्षात्कार में 200 में से 33.89 से 124 नंबर मिले। वहीं, 500 से लेकर 531 नंबर हासिल करने वाले नौ अभ्यर्थियों का चयन नहीं हुआ। इनको साक्षात्कार में सिर्फ 6.86 से 29 तक नंबर मिले। चयनित 450 अंकों वाले को साक्षात्कार में 105 नंबर मिले, वहीं नहीं चुने गये 531 अंकों वाले को मात्र 6.88 नंबर मिले।
वहीं, अनुसूचित जाति वर्ग के कुल 40 पदों के लिए 46 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया गया, जिनमें से दस का चयन हुआ। चयनित अभ्यर्थियों के मुख्य परीक्षा में 418.5 से 476.5 तक नंबर थे। उन्हें साक्षात्कार में 42.14 से 86.63 तक अंक मिले। इस वर्ग में 433 से 462 अंक प्राप्त करने वाले आठ अभ्यर्थी थे, जिनका चयन नहीं हुआ, उन्हें साक्षात्कार में 19 से 44.86 तक नंबर मिले।
पिछड़ा वर्ग-ए के कुल 21 पदों के लिए 50 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया गया, जिनमें से 13 का चयन हुआ। चयनित अभ्यर्थियों के मुख्य परीक्षा में 425.5 से 504 तक नंबर थे और उनको साक्षात्कार में 35.89 से 78.25 तक अंक मिले। इस वर्ग में 442 से 476 अंक प्राप्त करने वाले छह अभ्यर्थियों का चयन नहीं हुआ, उन्हें साक्षात्कार में 9.33 से 36.44 तक नंबर मिले। पिछड़ा वर्ग-बी के कुल 11 पदों के लिए 34 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया गया, जिनमें से 15 का चयन हुआ। चयनित अभ्यर्थियों के मुख्य परीक्षा में 423.5 से 497 तक नंबर थे और उनको साक्षात्कार में 27.22 से 105.33 तक अंक मिले। इस वर्ग में 441.5 से 455.5 अंक प्राप्त करने वाले छह अभ्यर्थी थे, जिनका चयन नहीं हुआ। इनको साक्षात्कार में 20.22 से 55 तक नंबर मिले।
लिखित परीक्षा पर सवाल : वरिष्ठ मनोवैज्ञानिक डॉ अनिल पाणिकर ने कहा कि इस स्तर की परीक्षा में यदि कोई इतना ज्यादा स्कोर कर रहा है और साक्षात्कार में महज 6-7 नंबर मिल रहे हैं, तो लिखित परीक्षा पर ही सवाल खड़े होते हैं कि इसमें फर्जीवाड़ा हो सकता है। यह संभव नहीं है कि लिखित परीक्षा में अच्छे नंबर हासिल करने के बावजूद कोई 200 नंबर के साक्षात्कार में 6-7 नंबर ही ले पाये। ऐसा लग रहा है कि साक्षात्कार देने वाले सही ढंग से ड्रेस पहनकर नहीं आए या सही ढंग से चल भी नहीं सके।