एबीएन सेंट्रल डेस्क। इंदौर के पुलिस आयुक्त हरिनारायणचारी मिश्रा ने संवाददाताओं को बताया कि राजस्थान के भरतपुर जिले से गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रईस, जीशान, यासिब और हारून खान के रूप में हुई है। नौवीं-दसवीं कक्षा तक पढ़े चारों आरोपी भरतपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्र में गिरोह चला रहे थे। पुलिस आयुक्त ने कहा, गिरोह की सक्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इन बदमाशों ने महज छह महीनों में अलग-अलग आईएमईआई नंबर वाले 1,100 से ज्यादा मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया है। गिरोह ने इन उपकरणों के जरिये वीडियो कॉल करके देश भर के सैकड़ों लोगों के अश्लील वीडियो बनाये हैं। उन्होंने बताया कि वैवाहिक वेबसाइट और सोशल मीडिया पर महिलाओं के नाम से फर्जी प्रोफाइल बनाकर गिरोह अपने शिकार खोजता था। पुलिस आयुक्त ने बताया, गिरोह के सदस्य लोगों के मोबाइल नंबर हासिल करने के बाद उन्हें महिलाओं के नाम से वीडियो कॉल करते थे। कॉल के दौरान एक महिला का पहले से बनाया गया अश्लील वीडियो चला दिया जाता था और मोबाइल स्क्रीन को रिकॉर्ड कर लिया जाता था। मिश्रा ने बताया कि मोबाइल स्क्रीन रिकॉर्ड कर तैयार अश्लील वीडियो के आधार पर संबंधित व्यक्ति को धमकी दी जाती थी कि अगर उसने तय रकम नहीं चुकाई तो यह वीडियो उसके परिजनों और परिचितों को भेज दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि सितंबर में गिरोह के जाल में फंसे 59 वर्षीय व्यक्ति ने ऐसी धमकियों से प्रताड़ित होकर इंदौर के राजेंद्र नगर क्षेत्र में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद पुलिस ने गिरोह के खिलाफ जांच शुरू की थी। पुलिस आयुक्त के मुताबिक राजस्थान के भरतपुर जिले में ऐसे कई गिरोह काम कर रहे हैं।