एबीएन सेंट्रल डेस्क। पश्चिमी अफ्रीकी में स्थित गांबिया देश में कफ सीरप पीने से बच्चों की मौत का कारण सिरप में डायथाइलीन ग्लाइकॉल की अधिक मात्रा पाया जाना सामने आया है। यह डायथाइलीन ग्लाइकॉल उधमपुर जिले की रामनगर तहसील में भी 2019-20 में कहर बरपा चुका है। उस समय कोल्ड बेस्ट पीसी सीरप पीने से 12 शिशुओं की मौत हो गई थी, जबकि छह बच्चे दिव्यांग हो गये। अनाधिकारिक तौर पर इस घटना में 14 बच्चों की मौत हुई थी, जिसमें एक बिश्नाह का शिशु भी शामिल था और एक अन्य मामले में अभी विवाद है। बाद में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की सिफारिश पर प्रदेश सरकार ने जान गंवाने वाले 12 शिशुओं के परिजनों को तीन-तीन लाख रुपये की मुआवजा राशि दी। लेकिन केंद्र शासित प्रशासन ने दोबारा से मामला सर्वोच्च न्यायालय में उठाया और वहां यह याचिका लंबित है। किसी दवा में डायथाइलीन ग्लाइकॉल की अधिक मात्रा पेट दर्द, उल्टी, दस्त से लेकर गंभीर मामलों में किडनी फेल होने तक का कारण बन सकती है, जिससे मौत का खतरा अधिक होता है।
रामनगर में हुई घटना के अनुसार दिसंबर 2019 से जनवरी 2020 की अवधि में अचानक 12 शिशुओं की मौत हो गयी। जांच में पाया गया कि सभी बच्चों ने एक स्थानीय दवा विक्रेता से सामान्य खांसी-जुकाम के लिए कोल्ड बेस्ट पीसी कफ सीरप ली थी। इसका उत्पादन एमएस डिजिटल विजिन, कालाअंब (हिमाचल प्रदेश) ने किया था।