बिहार
बिहार : नई सरकार में मंत्रिमंडल तय, राजद को ये अहम विभाग मिलने की उम्मीद
ABN Bureau
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10 Aug, 2022
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टीम एबीएन, पटना। बिहार में नीतीश कुमार आज फिर से सीएम के पद की शपथ लेंगे। नीतीश कुमार के साथ तेजस्वी यादव भी डिप्टी सीएम के तौर पर शपथ लेंगे। इस बीच महागठबंधन की सरकार के नए स्वरूप पर जोरों की चर्चा चल रही है। सवाल यही है कि आखिरकार नई सरकार में विभागों का खाका क्या होगा? अनुमान जताया जा रहा है कि भाजपा कोटे का सारा विभाग राजद और कांग्रेस के खाते में जा सकता है। जदयू के पास एक दर्जन विभागों का जिम्मा पहले की भांति रह सकता है जिसमें एक मंत्री जीतन राम मांझी के हम के भी शामिल होंगे। यह तय माना जा रहा है कि विधानसभा अध्यक्ष का पद फिर से जदयू के खाते में चला जायेगा। मौजूदा समय में विधानसभा उपाध्यक्ष का पद जदयू के महेश्वर हजारी के पास है, ऐसे में संभावना इस बात की है कि उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल करने के बाद कुछ दिनों के बाद विधानसभा उपाध्यक्ष का पद राजद के कोटे में चला जायेगा। राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा है कि राजद और कांग्रेस के विधायकों की संख्या एक साथ जोड़ दी जाए तब राजद को 17 मंत्री पद मिल सकता है जबकि कांग्रेस को तीन पद पर संतोष करना पड़ेगा।
पहले भी जब महागठबंधन की सरकार बिहार में थी तब भी लगभग इसी फार्मूले के तहत मंत्रिमंडल का गठन किया गया था। सामान्य प्रशासन और पुलिस विभाग को लेकर मंगलवार को सबसे ज्यादा चर्चा होती रही। पूरे दिन यह बात सामने आई कि राजद गृह विभाग चाह रहा है, जबकि गृह विभाग मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास है। ऐसे में इस पर अंतिम सहमति कैसे बनी है, इस बात का खुलासा नहीं हो पाया है। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि बड़े काम वाले महकमें राजद को मिल सकते हैं, जैसे पथ निर्माण विभाग मुख्य रूप से इसमें शामिल है। मौजूदा समय में यह भाजपा के पास था। महागठबंधन की सरकार के समय भी उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव पथ निर्माण विभाग का कामकाज देख रहे थे। भाजपा के पास जिन विभागों का जिम्मा था वह राजद और कांग्रेस को मिल सकता है। इसमें स्वास्थ्य, पथ निर्माण विभाग, भवन निर्माण, पशु एवं मत्स्य संसाधन, कृषि, वित्त, श्रम संसाधन, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, सूचना प्रौद्योगिकी, नगर विकास उद्योग विभाग, पंचायती राज विभाग, पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन, पर्यटन विभाग, कला संस्कृति एवं भूतत्व, आपदा प्रबंधन, पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण, राजस्व एवं भूमि सुधार और गन्ना उद्योग विभाग शामिल हैं।
जदयू के पास जिन विभागों के रहने की संभावना जताई जा रही है। उन विभागों में शिक्षा, योजना एवं विकास, ऊर्जा, परिवहन, ग्रामीण विकास, समाज कल्याण, सूचना एवं जनसंपर्क, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन, ग्रामीण कार्य और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग शामिल हैं।
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