टीम एबीएन, पटना। बिहार की राजधानी पटना में खून बेचने के अवैध कारोबार का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने पत्रकार नगर थाना क्षेत्र के काली मंदिर रोड नंबर 1 के एक मकान पर छापेमारी की तो यहां से बड़ी संख्या में खून से भरे पैकेट बरामद हुए। दरअसल, कोतवाली थाना पुलिस ने शुक्रवार को लॉकेट (गले का चेन) काटने वाले गिरोह के सरगना को गिरफ्तार किया था। शनिवार को पुलिस काटे गए लॉकेट की तलाश में उसको उसके घर लेकर पहुंची थी, लेकिन यहां उसके कमरे में रखे फ्रिज के अंदर से 44 ब्लड के पैकेट, सैकड़ों सीरिंज व अन्य आपत्तिजनक चीजें बरामद की गई। पुलिस की टीम फ्रिज में इतनी संख्या में रखे ब्लड बैग को देख कर हैरान रह गयी। जब लॉकेट गिरोह के सरगना से पूछताछ की गई तो उसने एक अस्पताल में काम करने वाले कर्मचारी का नाम बताया, जिसके बाद पुलिस ने उसको भी गिरफ्तार कर लिया है। पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) मानवजीत सिंह ढिल्लों ने जिलाधिकारी (डीएम) से इस मामले में कार्रवाई का अनुरोध किया। ड्रग डिपार्टमेंट को इस पूरे मामले की जांच की जिम्मेवारी सौंपी गई है। पुलिस खून के अवैध कारोबार को बड़ा अपराध मान रही है। इसके विरुद्ध कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी की जा रही है। वहीं, ड्रग विभाग के अधिकारियों की मानें तो पटना के एक बड़े निजी अस्पताल के खून बेचने के अवैध कारोबार के तार जुड़े हैं। अस्पताल के कर्मी भी इस काले धंधे में शामिल हैं। विभाग ने इस पूरे मामले की जांच के लिए अलग से टीम गठित की है। अधिकारियों के मुताबिक इस निजी अस्पताल के ब्लड बैंक के कर्मचारी संतोष कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। खून की दलाली में कंपनी के दो ब्लड बैंक मिले हैं। ब्लड बैंक से केवल लाइसेंसवाले सेंटर को ही बेचा जाता है, लेकिन इसके बावजूद एक घर से 44 ब्लड बैग का मिलना गंभीर सवाल खड़े करता है।