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...आखिर कब होगी लाइब्रेरियन की बहाली?

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...आखिर कब होगी लाइब्रेरियन की बहाली?
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एबीएन डेस्क (त्रिपुरारी पाण्डेय)।एक पुस्तकालय की पूरी व्यवस्था उसके अधीक्षक यानि पुस्तकालयाध्यक्ष पर निर्भर करती है। वह पुस्तकालय के संचालक होते हैं। कहा भी गया है कि जैसा पुस्तकालयाध्यक्ष होंगे वैसे ही पुस्तकालय। यदि हमारे पास अच्छी-अच्छी किताबें एवं पुस्तकालय अपनी सभी सामग्री के साथ उपलब्ध है। परन्तु उनको कुशलतापूर्वक संचालित करने वाला पुस्तकालयाध्यक्ष नहीं हैं तो यह बहुत कम लाभ प्रदान करने वाली सिद्ध होगी। इसीलिए प्रत्येक विद्यालय हेतु प्रशिक्षित एवं योग्य पुस्तकलयाध्यक्षों की आवश्यकता है। पुस्तकालयाध्यक्षों की नियुक्ति किये बिना पुस्तकालय अपने उद्देश्यों को पूरा नहीं कर सकता है। बिहार में लाइब्रेरियन की बहाली साल 2008 में हुई थी। लेकिन आज चौदह वर्ष हो गयी है और बिहार के हाई स्कूलों में लाइब्रेरियन की बहाली नदारद है। अभ्यर्थी लाइब्रेरियन बनने के सपने लेकर पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान में अध्यन कर डिग्रियां लेकर नौकरी की आस में बैठे हैं। किन्तु सरकार की ढुलमुल रवैया के कारण भर्ती प्रक्रिया की विज्ञापन नहीं आ रही है। लगभग हजारों छात्र हर साल पुस्तकालय विज्ञान में शिक्षा प्राप्त करके नौकरी की राह देख रहे हैं। लाइब्रेरियन की बहाली नहीं आने से अभ्यर्थियों में काफी मायूसी है। चौदह वर्षों से लाइब्रेरियन की बहाली नहीं होने से अनेक अभ्यर्थियों की उम्र सीमा भी लगभग समाप्ति के कगार पर है, तो वहीं अनेक अभ्यर्थियों की उम्र अब बस समाप्त होने ही वाली है। भर्ती के नाम पर विद्यार्थियों को सिर्फ आश्वासन मिलती है कि पुस्तकालयाध्यक्ष की बहाली हेतु अभी नियमावली बन रही है। अभी रिक्तियों का आकलन किया जा रहा है। जल्द पुस्तकालयाध्यक्षों की बहाली होगी। किन्तु हजारों छात्रों का सवाल यह है कि आखिर कबतक नियमावली बनकर तैयार होगी? कबतक पुस्तकालयाध्यक्षों की बहाली हेतु विज्ञापन आएगी? पुस्तकालय विज्ञान के छात्रों का सब्र अब टूट रहा है। यह अत्यंत ही गंभीर एवं निंदनीय विषय है की रोजगार की राह देख रहे विद्यार्थियों को चौदह वर्षों से शिक्षित होकर भी बेरोजगारी की मार झेलनी पड़ रही है। जिस क्षेत्र में अभ्यर्थियों की रूचि थी, जिस क्षेत्र में उन्होंने उपलब्धि हासिल की और उसकी बहाली न होने के कारण अपने आप में हीनता का भाव आना स्वाभाविक है। विद्यार्थी कातर निगाहों से पुस्तकालयाध्यक्ष बनने के सपने सजाकर सरकार से उम्मीदें लेकर उदास होकर बहाली की आस में हैं। यदि हजारों हजार छात्रों से पूछा जाये तो सभी अभ्यर्थियों का बस एक ही सवाल होगा कि आखिर कबतक होगी लाइब्रेरियन की बहाली...? (लेखक जमुई स्थित मलयपुर के निवासी हैं।)
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