टीम एबीएन, पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कल पूर्व सीएम राबड़ी देवी के आवास पर आयोजित इफ्तार में शामिल क्या हुए, मानो पूरे बिहार की राजनीति गरमा गई। लोग तरह-तरह की चर्चाएं करने लगे। कोई इसे महागठबंधन की वापसी के तौर पर देखने लगा, तो किसी ने कहा कि यह भाजपा पर एक दबाव बनाने की कोशिश है। आज सुबह जह वीर कुंवर सिंह की जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद सीएम मीडिया से बात कर रहे थे तो उन्होंने तमाम अटकलों पर विराम लगा दिया। उन्हें इसे आधारहीन करार दिया। नीतीश कुमार इससे एक कदम और आगे बढ़ते हुए आज पटना एयरपोर्ट पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का स्वागत करने के लिए भी पहुंच गए। नीतीश कुमार को करीब से जानने और देखने वाले लोगों के लिए भी हाल के वर्षों यह शायद पहला मौका होगा, जब वह किसी केंद्रीय मंत्री का स्वागत करने के लिए खुद पहुंचे हों। हां, राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और नए राज्यपाल का स्वागत करने के लिए कई बार वह पहुंचे हैं, जो कि एक प्रोटोकॉल के तहत सामान्य बात है। ऐसी इफ्तार पार्टियों में बहुत से लोगों को आमंत्रित किया जाता है। इसका राजनीति से क्या संबंध है? हम भी एक इफ्तार पार्टी रखते हैं और सभी को इसमें आमंत्रित करते हैं।