टीम एबीएन, पटना। रमजान का महीना चल रहा है। हर साल की तरह रमजान में सियासी पार्टियां इफ्तार का आयोजन करती हैं। बिहार में प्रमुख विपक्षी दल आरजेडी ने भी इफ्तार पार्टी रखी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज पटना में राबड़ी देवी के आवास पर आयोजित इफ्तार पार्टी में शामिल हुए। इस जानकारी के सामने आने के बाद सियासी पार्टियों ने इसके अलग-अलग मायने निकालने शुरू कर दिए हैं। ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि इफ्तार के बहाने राजनितिक गोलबंदी की कोशिश होगी। दरअसल, बोचहां उपचुनाव में मिली चुनावी-जीत के बाद महागठबंधन नए सियासी जोड़-तोड़ की तैयारियों में जुट गया है। फखऊ ने इफ्तार पार्टी के बहाने सियासी खेमेबंदी शुरू कर दी है। तेजस्वी यादव और राबड़ी देवी की तरफ से आयोजित इफ्तार में ठऊअ के मुकेश सहनी और चिराग पासवान को भी न्योता दिया गया है।
सीएम आवास एक अणे मार्ग के बाद अब सूबे के दूसरे सबसे चर्चित आवास 10 सर्कुलर रोड शुक्रवार को कई सियासी समीकरणों का गवाह बना। दरअसल, पूर्व सीएम राबड़ी देवी का यह आवास काफी साल बाद दावत-ए-इफ्तार से गुलजार हो रहा है। भले ही इस आयोजन को सांप्रदायिक सौहार्द के लिए कहा जा रहा है, लेकिन राजनीति को हर पल जीने वाले इस राज्य में इफ्तार के बहाने कई सियासी समीकरणों के बनने से राज्य के राजनीतिक जानकार इनकार नहीं कर रहे हैं। इधर, डोरंडा कोषागार से अवैध निकासी के मामले में लालू प्रसाद यादव को झारखंड हाई कोर्ट से जमानत मिल गई है। इससे आरजेडी के नेताओं और कार्यकतार्ओं में जोश का संचार हुआ है। इसे काफी अहम माना जा रहा है। बता दें कि 5 सालों के बाद आरजेडी की तरफ से दावत-ए-इफ्तार का आयोजन किया जा रहा है। लालू यादव के जेल जाने के कारण आरजेडी पिछले कुछ सालों से दावत-ए-इफ्तार कार्यक्रम का आयोजन नहीं कर रही थी। वहीं, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 2 दिनों के बिहार दौरे पर आ रहे हैं। अमित शाह वीर कुंवर सिंह के विजयोत्सव कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। इस दौरान सबसे ज्यादा तिरंगा फहराने का रिकॉर्ड भी बनेगा। सबकी नजर बिहार में बदल रहे राजनीतिक घटनाक्रम पर भी है।