टीम एबीएन, विक्रमगंज (पटना)। स्वतंत्रता के 75वें वर्षगांठ पर 22 जनवरी, शनिवार को सत्यम शिवम सुंदरम स्कूल ने सत्यानंद योग मिशन के अध्यक्ष स्वामी मुक्तरथ जी के निर्देशन में सूर्य नमस्कार कर अमृत महोत्सव मनाया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्वामी मुक्तरथ जी के साथ, सत्यम शिवम सुंदरम ग्रुप के चेयरमेन शंकर कुमार, सचिव ओम नारायण, देश के जाने-माने वैज्ञानिक राहुल कुमार, एवं प्राचार्य अभिमन्यु मिश्रा तथा आॅनलाइन जुड़े 25 विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षक एवं छात्रों ने जूम-एप, फेसबुक के जरिये दस चक्र सूर्य नमस्कार करके कुल 1200 चक्र अभ्यास पूरा किया। स्वामी मुक्तरथ ने खासकर शिक्षकों के साथ अनुशासन की व्याख्या करते हुए बताया कि अनुशाशन किसी पर बल पूर्वक थोपा नहीं जा सकता है और न ही बलपूर्वक अनुशासन कराने से किसी में वैचारिक या चारित्रिक परिवर्तन लाया जा सकता है। योग शास्त्र में महर्षि पतंजलि ने योग की शुरुआत ही अनुशासन से किया है- अथ योगानुशासनम। यहां अनुशासन का मतलब स्वयं को अनुशासित करना बताया गया है। स्वामी जी ने सभी प्राचार्यों और शिक्षकों को सलाह दी कि बच्चों को विद्यालय में पढ़ाई प्रारंभ होने के पूर्व नाड़ीशोधन प्राणायाम और कक्षा के अंत में भ्रामरी प्राणायाम करायें। इससे बच्चों की एकाग्रता भी बढ़ेगी और अनुशासन भी आयेगा। उक्त जानकारी सत्यानंद योग मिशन, रांची के अध्यक्ष आचार्य मुक्तरथ ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।