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जानें क्या है जमुई केस का ताजा अपडेट!

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जानें क्या है जमुई केस का ताजा अपडेट!
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एबीएन न्यूज नेटवर्क, जमुई। आज सुबह 7 बजे लोग घटना स्थल पर पहुंचे। ये घटना जमुई के सोनाई गांव का है। ये जो घटना हुई है इसमें 7 लोग नहीं बल्कि 10-12 लोग हैं। और ये सब के सब बालू रेत माफिया है। ये लोग घटना वाली जगह पर पहाड़ी के पास एक झोपड़ी के पास बैठा रहता है और बालू की अवैध तस्करी करता है और उसी झोपड़ी में शराब और मुर्गा चलते रहता है। जो इस घटना में शामिल अपराधी है उनमे मुख्य अपराधी का आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है। इसमें खतरनाक खबर ये पता चला की ये लोग इतने दरिंदे हैं की 2 साल पहले इसी घटना स्थल की जगह पर सरस्वती पूजा हुआ था तब वहाँ बवाल हुआ था। 

तब पुलिस आई थी जिसमें महिला पुलिस भी आई थी। तब इन दरिंदों ने जो इस घटना में शामिल है वही दरिंदों ने महिला कांस्टेबल का वर्दी और अंग वस्त्र फाड़ दिया था। वो महिला कांस्टेबल बाद में यहां से ट्रांसफर ले ली। इन अपराधियों पर मुकदमा हुआ लेकिन जमानत पर तुरंत बाहर आ गये। उसके बाद इनका मन और ज्यादा बढ़ गया। ये सब अवैध रेत माफिया के बेटे हैं जो बाप के अवैध काम में साथ देते हैं। 

थाना से लेकर DM तक को इन अपराधियों का बाप पैसा पहुचाता है। यहां के नेताओं, कई सांसद विधायकों का अवैध बालू माफिया में हिस्सा है। ये उसी के सह पर इस तरह की बेखौफ गुंडागर्दी करते हैं। जो लड़के गिरफ्तार हुए हैं अभी वो सभी नाबालिग हैं, जो मुख्य दरिंदा जो मास्क लगा कर दरिंदगी किया है वो 28-30 साल का है और उसका पारिवारिक संबंध सत्ताधारी पार्टी के एक सांसद से माना गया है। इस घटना में 10-12 दरिंदे शामिल हैं। 

जिनमे कुछ स्म्राट चौधरी की जाति का है, कुछ पासवान जाति का है जिस जाति का स्थानीय सांसद है और कुछ साहु जाति से है और एक दो यादव भी बताए गए हैं। बाकी जिस नाबालिग लड़की के साथ ये घटना हुआ है वो जमुई शहर की रहने वाली है और ट्यूशन के बाद स्कूटी से अपने सहपाठी के साथ पहाड़ी की तरह घूमने और रील बनाने आयी थी।

बाकी मेरा आदमी जो इस घटना को पता करने वहां गया उसके जाते ही पूरा गांव वाला देखने लगा। जिससे मिलने गया उसके पास कॉल आ गया को कौन आया है आपके पास। ये दरिंदे उस गांव के दबंग हैं। पूरा गांव दलित-महादलित का गांव है। जब नेम पता करने की कोशिश की तो लोगो ने बोलने से मना कर दिया और बोला की अगर उन्हें पता चला तो बाद के हम लोगो को मारेंगे। 

कुल मिला कर इस तरह का खौफ है उन दरिंदों का। इस घटना का उदभेदन इसलिए हुआ क्यूकी अपराधियों के ग्रुप का एक लड़का रील बनाने का शौकीन है, वो सभी नाबालिग बच्चे इन अपराधियों के साथ इसलिए रहते हैं ताकि जो वहां मुर्गा बनता है उसमें से खाने को कुछ दे दे। उन्ही में से एक रील बनाने वाले ने ये वीडियो का रील बना कर पोस्ट कर दिया और उसके बाद मामला पकड़ा गया। 

नहीं तो स्थानीय लोगो का कहना है की ये लोग महिलाओं के साथ बहुत कांड पहले किए हैं जिनका पता भी नहीं चला है। अब मैं पूरी घटना को उसी तरह रख दिया हूँ जो बीता है। धन्यवाद। खबर है कि एक अपराधी का एनकाउंटर हुआ है। बहुत बढ़िया किया गया। बाद बाकी मेरे मन में सवाल इतना है कि और भी जो अपराधी गिरफ्तार हुए हैं उसका नाम सरनेम के साथ क्यूं नहीं डाला गया है अबतक? 

नाबालिक वाला बहाना नहीं चलेगा। ऐसे सैकड़ों उदाहरण हैं जहां पुलिस ने नाबालिक का फोटो डाला है छोटे मामले में भी। उखढ प्रोटेस्ट में तो बच्चों तक का फोटो डाल सार्वजनिक रूप से बिहार पुलिस द्वारा खोजा जा रहा था। सारे नाबालिक थे। लेकिन नाबालिक का छोड़ भी दें तो इस मामले में और भी अपराधी हैं जो बालिग हैं उनका नाम सरनेम के साथ क्यूं नहीं डाला गया ?

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