जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष के सी त्यागी ने प्रधानमंत्री मोदी को लिखी चिट्ठी
एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। नीतीश कुमार ने पिछले साल नवंबर में दसवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर पदभार संभाला है। एक बार फिर सीएम बनने के बाद नीतीश कुमार का नाम सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले नेताओं में शुमार हो गया है। अब खबर आ रही है कि बिहार के मुख्यमंत्री और जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष के सी त्यागी ने नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग कर रहे हैं।
त्यागी ने ये मांग करते हुए बाकायदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र भी लिखा है ।पत्र में त्यागी ने लिखा है कि नीतीश कुमार जैसे पिछले साल चौधरी चरण सिंह और कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न की उपाधि से नवाजा गया था, उसी तरह नीतीश कुमार भी इस उपाधि के पूरी तरह हकदार हैं।
के सी त्यागी ने कहा कि बिहार और देश के प्रति नीतीश कुमार की सेवाओं को सम्मान देने का इससे अच्छा कदम नहीं हो सकता है। हालांकि ऐसा बहुत कम हुआ है जब किसी जीवित व्यक्ति को भारत रत्न दिया गया हो। त्यागी ने कहा कि करीब आधा दर्जन मामले ऐसे हैं जिसमें जीवित व्यक्ति को भी भारत रत्न दिया गया। इनमें जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, लता मंगेशकर और प्रणब मुखर्जी जैसे लोग शामिल हैं।
आम तौर पर जनवरी में ही प्रधानमंत्री की तरफ से अलग अलग क्षेत्रों में विशेष योगदान देने के भारत रत्न दिए जाने का ऐलान किया जाता है। पिछले साल भी किसान नेता चौधरी चरण सिंह और महान समाजवादी नेता कर्पूरी ठाकुर की भारत रत्न दिए जाने का ऐलान किया गया था। कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न दिए जाने को तब बिहार चुनाव से जोड़कर देखा गया था क्योंकि ठाकुर अति पिछड़ी जाति से ताल्लुक रखते थे।
पिछले साल नवंबर में नीतीश कुमार ने दसवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर पदभार संभाला है। सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले नेताओं में उनका शुमार होता है। पिछले साल हुए बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए ने नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव लड़ते हुए 200 से ज्यादा सीटें जीती और प्रचंड जीत हासिल की। करीब 10 महीनों को छोड़कर नीतीश कुमार 2005 से लगातार बिहार के मुख्यमंत्री बने हुए हैं। हालांकि बार बार अपना राजनीतिक पाला बदलने के लिए उनकी आलोचना भी होती है।
वैसे राजनीतिक गलियारों में के सी त्यागी की चिट्ठी के अलग अलग मायने भी लगाये जा रहे हैं। हाल ही में बांग्लादेश खिलाड़ी को आईपीएल से बाहर निकालने के फैसले पर त्यागी ने पार्टी से अलग लाइन लिया था और इस फैसले पर सवाल उठाया था। इतना ही नहीं, 2024 में फिलिस्तीन के मुद्दे पर भी त्यागी ने भारत सरकार से अलग स्टैंड लिया था जिसपर काफी हो हल्ला भी मचा था। माना जाता है कि इसी विवाद के चलते उन्होंने सितंबर 2024 में पार्टी के एकमात्र राष्ट्रीय प्रवक्ता पद से इस्तीफा भी देना पड़ा था। ऐसे भारत रत्न की मांग को डैमेज कंट्रोल के तौर पर भी देखा जा सकता है।