एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। बिहार में सत्ता पक्ष और विपक्ष की जनसभाओं में कोई फ़र्क दिखा आपको? बीजेपी हो या जेडीयू, इनकी रैलियों और जनसभाओं में महिलाओं की संख्या देखिए और किसी भी दूसरे दलों की रैली या जनसभा को देखिए।
अगर मेरी बात पर यकीन न हो तो पिछले दिनों तेजस्वी यादव, नीतीश कुमार और मोदी-शाह की रैलियों की तस्वीरें निकाल कर देख सकते हैं। नीतीश कुमार की दो जनसभा में मैंने एक बात गौर की है कि उनमें मुस्लिम महिलाएं बहुत अच्छी संख्या में थीं।
लेकिन क्या महिलाएं, अपने परिवार के दबाव को दरकिनार कर वोट करेंगी? कहीं ऐसा तो नहीं है कि पति, बेटा या परिवार के सदस्यों ने जहां बोल दिया, वहीं वोट देकर चले आए?