6 लेन केबल ब्रिज पर पीएम मोदी, बेगूसराय में भव्य स्वागत; गयाजी में क्या-क्या कहा?
औंटा-सिमरिया 6 लेन केबल ब्रिज का उद्घाटन, पैदल घूमे प्रधानमंत्री
एबीएन न्यूज नेटवर्क, गयाजी/पटना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पटना-बेगूसराय को जोड़ने वाले औंटा-सिमरिया 6 लेन केबल ब्रिज का उद्घाटन कर दिया है। गयाजी के बाद वह पटना जिले की सीमा पर औंटा के पास आये और फिर इस ब्रिज तक गाड़ी से आने के बाद पैदल चलकर पुल के ऊपर से ही नीचे की तरफ स्वागत में खड़े लोगों का अभिवादन किया। उनके साथ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी थे। इस मौके पर दोनों ने एक साथ बेगूसराय की जनता का अभिनंदन किया।
एनडीए सरकार जल्द ही डेमोग्राफी मिशन शुरू करने जा रही है
पीएम मोदी ने कहा कि एनडीए सरकार ने तय किया है कि देश का भविष्य घुसपैठियों को तय करने नहीं देंगे। बिहार के युवाओं का भविष्य घुसपैठियों को बर्बाद करने नहीं देंगे। इस खतरे से निपटने के लिए मैंने डेमोग्राफी मिशन की शुरू करने का संकल्प लिया गया है। घुसपैठियों की बढ़ती संख्या देश के लिए चिंता का विषय है। सीमावर्ती इलाकों की डेमोग्राफी बदल रहा है।
एनडीए सरकार जल्द ही डेमोग्राफी मिशन की शुरुआत करने जा रही है। कांग्रेस और राजद जैसे दल बिहार के गरीबों का हक छीनकर घुसपैठियों को देना चाहते हैं। यह सब वह वोटबैंक और तुष्टिकरण के लिए कर रहे हैं। उन्हें बिहार की कोई परवाह नहीं है। इसलिए लगातार सरकार का विरोध कर रहे हैं। लेकिन, हमलोगों को राजद और कांग्रेस की बुरी नजर से बिहार को बचाना है।
पीएम मोदी ने कहा कि इतने वर्षों में हमारी सरकार पर भ्रष्टाचार का एक भी दाग नहीं लगा। जबकि पिछले 65 वर्षों में कांग्रेस ने कितना भ्रष्टाचार किया? यह देश की जनता जानती है। बिहार में राजद के भ्रष्टाचार के बारे में बच्चा-बच्चा जानता है। साथियों जेल से ही फाइलों पर साइन किए जा रहे थे। जेल से ही सरकारी आदेश निकाले जा रहे थे। नेताओं का अगर यही रवैया रहा तो भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई कैसे लड़ी जा सकती है?
हम संविधान की मयार्दा को तार-तार होते नहीं देख सकते हैं। इसलिए एनडीए सरकार एक ऐसा कानून लाई है, जिसके दायरे में देश का प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और मंत्री भी आते हैं। अब चाहे मुख्यमंत्री हो या प्रधानमंत्री, अगर शिकायत मिली तो 30 दिन के अंदर जमानत मिलेगी। अगर जमानत नहीं ली तो 30 दिन के अंदर कुर्सी छोड़नी पड़ेगी। इसलिए जेल में रहते अब सत्ता का सुख नहीं भोग पायेंगे। लेकिन, साथियों यह कांग्रेस, राजद और वामदल वाले इस कानून का विरोध कर रहे हैं। और, कौन नहीं जानता है कि उनको किस बात का डर है।
जिसने पाप किया होता है, वह अपने पाप को दूसरों से छिपाता है। इन सब का भी यही हिसाब है। यह राजद और कांग्रेस वाले कोई बेल पर बाहर है तो कोई अदालत के चक्कर काट रहे हैं। जो ऐसा कर रहे हैं, वही इस कानून का विरोध कर रहे हैं। वह सुबह-शाम मोदी को भांति-भांति की गाली दे रहे हैं। यह लोग इतने बौखलाये हुए हैं कि यह लोग जनहित के कामों का विरोध कर रहे हैं। हमारे राजेंद्र बाबू और बाबा साहेब ने सोचा भी नहीं होगा कि सत्ता के भूखे लोग जेल से सत्ता का सुख भोगेंगे।