खादी मेला में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन
एबीएन न्यूज नेटवर्क, भागलपुर। बिहार राज्य खादी ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा सैण्डिश कंपाउंड में लगाये गये खादी मेला-सह-उद्यमी बाजार में जिला उद्योग केंद्र द्वारा बिहार लघु उद्यमी योजना के संबंध में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में जिला उद्योग केन्द्र के प्रभारी महाप्रबंधक मनीष कुमार ने बताया कि बिहार राज्य में जाति आधारित गणना में परिवार की मासिक आय के आधार पर आर्थिक रूप से गरीब परिवारों की सहायता के लिए बिहार लघु उद्यमी योजना लागू की गयी है। इस योजना का लक्ष्य गरीब परिवारों के आािर्थक विकास को सुनिश्चित करते हुए बेरोजगारी में कमी लाना है।
प्रभारी महाप्रबंधक ने बताया कि इस योजना के तहत रोजगार के लिए प्रत्येक गरीब परिवार के कम से कम एक सदस्य को 2 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता उपलब्ध करायी जायेगी। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत लाभ प्राप्त करने हेतु आवेदन करने वाले लोगों का बिहार का निवासी होना अनिवार्य है।
लाभुक की उम्र 18 से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए तथा लाभुक की पारिवारिक आय प्रतिमाह छ: हजार रुपए से कम होनी चाहिए। सहायता राशि तीन किश्तों में दी जायेगी। प्रथम किस्त में परियोजना लागत की 25 प्रतिशत, द्वितीय किस्त में परियोजना लागत की 50 प्रतिशत एवं तृतीय किस्त में परियोजना लागत की 25 प्रतिशत राशि दी जायेगी।
प्रत्येक किस्त के सदुपयोग करने के बाद ही अगली किस्त की राशि दी जायेगी। प्रथम किस्त का उपयोग लाभार्थी द्वारा टूलकिट/मशीन का क्रय के लिए प्रयोग किया जायेगा। योजना के तहत लाभ पाने वाले लाभुकों को 61 प्रकार की परियोजनाओं में से किसी एक का चयनित करना होगा।
जिला स्तर पर योजना के अनुश्रवण हेतु जिला अनुश्रवण समिति का गठन कर लिया गया है जिसके अध्यक्ष जिला पदाधिकारी हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत लाभ लेने के लिए उद्योग विभाग के पोर्टल www.udyami.bihar.gov.in पर आनलाइन आवेदन करना है जिसकी अंतिम तिथि 20 फरवरी, 2024 है।
जागरूकता कार्यक्रम में बिहार राज्य खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के जिला खादी एवं ग्रामोद्योग पदाधिकारी बैद्यनाथ सिंह, यंग कंसलटेंट एमजे सिन्हा, उद्योग विस्तार पदाधिकारी शशि श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे।
मेला में खादी एवं ग्रामोद्योग पदाधिकारी बैद्यनाथ सिंह ने बताया कि मेला में बड़ी संख्या में खादी प्रेमी आ रहे हैं और खादी प्रेमियों के मांग पर ही मेला विस्तार 18 फरवरी, 2024 तक कर दिया गया है।