सुल्तानगंज में श्रावणी मेला महोत्सव
- भोले के देखेला बेकल भइले जियरा
- भक्ति जगह के मन में ओढ़ ली चुनरिया, बाबा के नगरिया चलअ ए सखियां
- नीतू नवगीत ने गाये बाबा भोले के गीत, झूमे श्रोता
एबीएन न्यूज नेटवर्क, सुल्तानगंज/ पटना। जिला प्रशासन भागलपुर और पर्यटन विभाग द्वारा श्रावणी मेला-2023 के अवसर पर सुल्तानगंज में मां गंगा के पावन तट पर आयोजित सांस्कृतिक महोत्सव में बिहार की प्रसिद्ध लोक गायिका डॉ नीतू कुमारी नवगीत ने भगवान भोलेनाथ पर आधारित भजनों और लोकगीतों की शानदार प्रस्तुति करके श्रोताओं को झुमाया।
डॉ नीतू कुमारी नवगीत ने गणेश वंदना से अपने कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह पर आधारित गीत, बाबा बैजनाथ हम आयल तोहर दुवरिया, भक्ति जगह के मन में ओढला केसरिया चला हो सखिया चला बाबा के नगरिया चला हो सखिया, शिव शंकर चले बारात बुनिया पड़ने लगी, डर लागे छि हमरा डर लागे छि, हम ना जाए भाई कोहबर घर हमारा डर लागे छि, भूत पिशाच सब नाच करे छि, छोटी सी मेरी पार्वती शंकर जी की पूजा करती थी, हे गंगा मैया तोहे पियरी चढ़ईबो, मांगी ला हम वरदान है गंगा मैया, डम डम डमरू बजावे ला हमार जोगिया सहित अनेक गीतों की शानदार प्रस्तुति दी।
बोल बम के नारों के बीच श्रोताओं ने भक्ति गीतों का भरपूर आनंद लिया। सांस्कृतिक कार्यक्रम में अशोक कुमार राम ने बैंजो पर, धनंजय कुमार राम ने पैड पर, अनिरुद्ध पासवान ने ढोलक पर और मनीष ने कीबोर्ड पर लोक गायिका नीतू कुमारी नवगीत के साथ संगत किया। मौके पर शैलबाला भगत ने भी महादेव के गीत कैलाश पर्वत पर बाबा का बसेरा है, बेल के पतिया में का गुण हो गाये और भगवान शिव को हर प्रकार की समस्याओं का मुक्तिदाता बताया।