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14 महीने में कैसे दूसरी बार भरभराकर गिरा 1710 करोड़ का भागलपुर ब्रिज

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14 महीने में कैसे दूसरी बार भरभराकर गिरा 1710 करोड़ का भागलपुर ब्रिज
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  • भागलपुर पुल हादसा : 3 किमी लंबा, 8 साल से चल रहा काम

एबीएन न्यूज नेटवर्क, भागलपुर। बिहार के भागलपुर में गंगा पर अगुवानी-सुल्तानगंज के बीच बन रहे पुल का स्ट्रक्चर रविवार को अचानक नदी मे गिर गया। बताया जा रहा है कि पुल का करीब 200 मीटर का हिस्सा गंगा में गिर गया है। इस घटना में किसी जनहानि की सूचना नहीं है, क्योंकि जिस वक्त ये हादसा हुआ, वहां पर कोई मौजूद नहीं था। 

पुल गिरने की कोई ये पहली घटना नहीं है, पिछले साल भी पुल का कुछ हिस्सा नदी में गिर गया था।जब ये पुल गिरा तो लोग इसके घटिया निर्माण सामग्री और इसे बनाने का जिम्मा उठाने वाली कंस्ट्रक्शन कंपनी पर लोग सवाल उठाने लगे हैं। लोग कहने लगे कि पहले भी इस तरीके की घटना हो चुकी है। 

दरअसल, पिछले साल अप्रैल 2022 में निर्माणाधीन पुल का पिलर नंबर 4, 5 और 6 गिर गये थे। तब कहा गया था कि पुल का केबल स्टैंड ढीला हो गया था, जिस वजह से ये पुल गिरा। हालांकि, उस समय भी लोगों ने आरोप लगाया था कि पुल के निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल हुआ है।

इस घटना पर बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने कहा है कि इस घटना की उच्च स्तरीय जांच की जायेगी। बताया जा रहा है कि सीएम ने जांच के आदेश भी दे दिये हैं। इस घटना की जांच का जिम्मा आईएएस अधिकारी प्रत्यय अमृत को मिला है  बिहार के सीएम ने कहा है कि दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जायेगी।

इस घटना पर बिहार के उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि पहले भी पुल गिरा था। उस समय इसको लेकर एक समीक्षा बैठक भी हुई। उस वक्त आईआईटी रुड़की ने आंधी-तूफान को पुल गिरने का जिम्मेदार ठहराया था। हमें इसके डिजाइन में पहले से ही फॉल्ट था। इस वजह से इसको समूचा ध्वस्त करना था। इसके बाद दोबारा नए सिरे से काम शुरू करने का हमारा निर्णय था।

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