Breaking
ताज़ा समाचार लोड हो रहा है...
लाइव: 34
होम ई-पेपर देश झारखंड खेल समाचार राज काज कानून व्यवस्था करियर बिजनेस वर्ल्ड हेल्थ विचार ज्ञान विज्ञान समाज वन और पर्यावरण मनोरंजन बिहार विज्ञापन
बिहार

टेकारी में सत्संग की बह रही है गंगा

शेयर करें: WhatsApp Facebook X Back to ePaper
टेकारी में सत्संग की बह रही है गंगा
विज्ञापन
  • स्वामी सत्यानंदजी परमहंस चैत पूर्णिमा तक ब्रह्म विद्यालय आश्रम में देंगे अध्यात्म का ज्ञान और दीक्षा

एबीएन न्यूज नेटवर्क गया। ब्रह्म विद्यालय एवं आश्रम शाखा टिकारी में छोटका राजपुर, बक्सर के स्वामी जी श्री श्री 108 श्री सत्यानंद जी महाराज के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में भक्त पहुंच रहे हैं। स्वामी जी सात दिनों के प्रवास पर टिकारी आश्रम आये हुए हैं। रामनवमी के दिन स्वामी जी टिकारी आश्रम पहुंचे थे। चैत पूर्णिमा को महाआरती के साथ स्वामी जी का प्रवास समाप्त होगा

टेकारी स्वामी जी का रहा है कर्मक्षेत्र

अपने गृहस्थी के जीवन में स्वामी जी टेकारी स्थित डिग्री कॉलेज में भौतिक विषय के प्रोफेसर के रुप में ख्याति प्राप्त करते रहे थे। टेकारी निवास के क्रम में भी उनकी धार्मिक रुचि बनी थी और एक मित्र के माध्यम से ब्रम्ह विद्यालय आश्रम से परिचित हुए जहां उन्हें परम ज्ञानी सदगुरु स्वामी शिवधंर्मानंद जी और परम श्राक्त महात्मा दर्शनानंद जी का सानिध्य प्राप्त हुआ। 

एक संपन्न परिवार के युवक होने के बाद भी उन्होंने सन्यास और भक्ति का मार्ग अपनाते हुए एक सम्मानजनक नौकरी का त्याग कर गुरु सेवा में लगे। टेकारी के आस-पास ही नहीं पूरे मगध इलाके में स्वामी जी के प्रभाव से गुरु भक्ति की गंगा बह रही है। स्वामी जी बिहार के बाद 6 अप्रैल को झारखंड की राजधानी रांची पधारेंगे जहां वे 15 अप्रैल तक बसारगढ़ टीपूदाना स्थित आश्रम में सतसंग करेंगे। यहां कोलकाता, जमशेदपुर, आसनसोल, गढ़वा, हजारीबाग सहित विभिन्न स्थानों के भक्त स्वामी जी के दर्शन को पधारते हैं।

स्वामी जी रोजाना सुबह 11 से दोपहर एक बजे तक और शाम को 6 बजे से 8 बजे तक सतसंग कर रहें हैं। सतसंग में भाग लेने स्वामी जी को सुनने बड़ी संख्या में श्रोता पहुंच रहे हैं। प्रवचन के बाद स्वामी जी के दर्शन के लिए लंबी कतार लग रही है। शुक्रवार की देर शाम कोंच प्रखंड की सियाडीह गांव के ग्रामीण कलाकारों ने गंगा अवतरण नामक नाटक की प्रतुति दी। रंग - बिरंगे परिधानों में सजे ग्रामीण कलाकार ने बेहतरीन कला का प्रदर्शन किया।

 नाटक को देखने बड़ी संख्या में दर्शक जुटे थे। स्वामी जी के प्रवास के दौरान स्वामी परमहंस दयाल पर आधारित चैता गायन की प्रस्तुति भी होगी। अगामी पांच अप्रैल को बिरहा का आयोजन भी होगा।

 टिकारी शहर के रानीगंज, तिताईगंज, इगुना, अंदर किला, रिकाबगंज, देवधरपुर, जयनंदन बिगहा, जोलह बिगहा, बेल्हड़िया, पंचानपुर, मऊ, पुरा के अलावा जहानाबाद, गया, कोंच, औरंगाबाद, गोह, अरवल समेत अन्य जगहों से लोग टिकारी पहुंच रहे हैं।

विज्ञापन