टीम एबीएन, पटना। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश मुख्यालय प्रभारी सुरेश रुंगटा ने मंगलवार को कहा कि वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए सदन में बिहार सरकार ने जो बजट प्रस्तुत किया है, उससे प्रदेश की जनता को निराशा हाथ लगी है।
भाजपा नेता रुंगटा ने कहा कि बजट में प्रांत के आधारभूत संरचना के विकास के लिए दूरदर्शिता का अभाव खटकता है। किसान, गरीब, मजदूर एवं उद्यमियों के लिए बजट में उचित प्रावधान एवं आवंटन नहीं होने से राज्य के गरीबों, मजदूरों एवं किसानों को कोई फायदा नहीं होगा। गत वर्ष जब बिहार सरकार में भाजपा सम्मिलित थी, उस वक्त प्रांत में औद्योगिक विकास के लिए कई कार्य योजनाएं शुरू की गई थीं।
उसे आगे बढ़ाना तो दूर वर्तमान सरकार उसे जारी भी नहीं रख सकी। इससे बिहार में औद्योगिक विकास का जो वातावरण बना था, वह सब वर्तमान सरकार की गलत नीतियों एवं उदासीनता और राज्य में गिरती कानून व्यवस्था के कारण ठप ही नहीं हुआ है, बल्कि जो कार्य शुरू किये गये थे वह सब भय के कारण बंद हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि बिहार में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं लेकिन सरकार का ध्यान इस क्षेत्र पर नहीं होने से राज्य के राजस्व की जो आमदनी इस माध्यम से बढ़ सकती थी उसे अपेक्षित छोड़ दिया गया है।
आश्चर्य तो यह है कि बजट में जीएसटी पर प्रश्न चिन्ह लगाया गया है, जबकि जीएसटी लगने के बाद बिहार में वाणिज्य कर विभाग का कर संग्रह वित्त-वर्ष 2016-17 में 18751 करोड़ रुपये से बढ़कर गत वर्ष ही दोगुना से अधिक हो गया है।
उन्होंने कहा कि बिहार सरकार के इस बजट में राज्य के पिछड़े जिलों के विकास के लिए समुचित आवंटन का स्पष्ट अभाव दिखता है। गरीबों एवं मजदूरों की हितैषी बताने वाली सरकार के बजट में इन वर्गों की घोर अनदेखी की गयी है।